बागपत/छपरौली। दुर्गाष्टमी पर बुधवार को मंदिरों के कपाट बंद होने के कारण लोगों ने घरों में ही माता का पूजन कर मन्नतें मांगी। घरों में कन्याओं को भोजन कराने से परहेज करते हुए लोगों ने माता का पूजन कर गायों को भोग लगाकर व्रत खोले।
कोरोना वायरस की महामारी व लॉकडाउन होने के कारण बुधवार को लोगों ने दुर्गाष्टमी पर अपने घर पर रहकर ही माता का पूजन किया। उधर, छपरौली क्षेत्र में मंदिरों में पुजारियों ने यज्ञ कर श्रद्धालुओं से घरों में रहकर ही पूजन करने की अपील की। ग्रामीण क्षेत्रों के प्राचीन सिद्धपीठ मां चामुंडा देवी मंदिर सिनौली, श्री श्याम मंदिर आदर्श नंगला, मां शाकंभरी देवी मंदिर कुर्डी नांगल, सदाशिव मंदिर छपरौली, शिव मंदिर शबगा, प्राचीन शिव मंदिर टीला कुर्डी, बाबा सरजीतनाथ कुटी मंदिर कुडरी, शिवमंदिर टांडा में अष्टमी के दिन काफी संख्या में लोग मंदिर पहुंचकर प्रसाद चढ़ाते थे। भजन कीर्तन शादी का प्रोग्राम कर प्रसाद वितरित किया जाता था। पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग मंडल के जिला महासचिव आकाश बंसल ने बताया कि आज व्यापार मंडल द्वारा पहले जरूरतमंद लोगों के बीच जाकर कन्याओं को पहले हलवा पूरी का भोग लगाया गया। उसके बाद लगभग 300 परिवारों को भोजन वितरित किया गया। जिसमें व्यापार मंडल के अध्यक्ष विनोद गोयल, सचिव संजय गुप्ता, उत्सव जिंदल मौजूद रहे।