लाक्षागृह बरनावा पर यज्ञ का पांचवां दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। महाभारत कालीन लाक्षागृह स्थित श्री महानंद संस्कृत महाविद्यालय गुरुकुल में चल रहे आठ दिवसीय 63वें विश्व कल्याण चतुर्वेद पारायण महायज्ञ का बृहस्पतिवार को पांचवां दिन रहा। राष्ट्रीय वाचस्पति परोपकारिणी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष धनकुमार शास्त्री ने कहा कि संसार में सबसे ऊंचा स्थान माता का है। माता ही बच्चे की प्रथम शिक्षिका है। माता धार्मिक हो, विदुषी हो, मार्ग दर्शाने वाली हो तो राष्ट्र तरक्की करेगा।
आचार्य गौतम ने कहा कि श्रद्धावान इंसान ही महान कहलाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपने हृदय में श्रद्धा भावना पैदा करने का आवाहन किया। यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य गुरुवचन शास्त्री, प्रधानाचार्य आचार्य अरविंद कुमार शास्त्री, सुनील शास्त्री, देवेंद्र शास्त्री, आचार्य रविदत्त शास्त्री, सोमदत्त भारद्वाज आदि विद्वानों ने भी वेदोपदेश दिए। गुरुकुल के ब्रह्मचारी जयकृष्ण शास्त्री, रोहित शास्त्री, मोहित शास्त्री, कपिल शास्त्री ने सस्वर वेदपाठ किया। अशोक चौहान, कांति त्यागी, महेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, बालकृष्ण त्यागी, हर्षकुमार, फकीरचंद त्यागी, अमित कुमार, मधुसूदनेश्वर, विशू, राहुल त्यागी सपत्नीक यज्ञमान रहे। यज्ञ में बीएसएनएल के पूर्व जीएम चंद्रहास, प्रधान यशोधर्मा सोलंकी, मंत्री राजपाल त्यागी, विजय कुमार, गंगाशरण, सेवाराम आर्य, अजय त्यागी, ब्रह्मप्रकाश त्यागी, अरुण त्यागी, कविराज त्यागी आदि श्रद्धालुओं ने आहुति देकर धर्मलाभ उठाया।