बड़ौत। पंच दीपोत्सव महापर्व के आखिरी दिन भैयादूज का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन बहन अपने भाई के माथे पर तिलक करती हैं, भाई भी सुख-दुख में साथ निभाने का वचन बहन को देते हैं। इस वर्ष भैयादूज का पर्व शनिवार को मनाया जाएगा।
शास्त्रों में भैयादूज को यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों में वर्णित है कि भैयादूज के दिन ही यमुना ने अपने भाई यमराज को अपने घर बुलाकर तिलक किया था तभी से इस दिन की शुरूआत मानी जाती है। पंचवटी मंदिर के पुजारी पंडित कुंदन भारद्वाज के अनुसार वैदिक पंचांग के अनुसार इस बार सूर्योदय से लेकर देर शाम तक पर्व मनाने का शुभ मुहूर्त रहेगा। संवाद