बागपत। बीती चार जून को अपर मुख्य सचिव की समीक्षा में मनरेगा अंतर्गत जिला पिछड़ रहा है। कार्याें में तेजी न लाने, समय पर भुगतान न करने पर जिले को प्रदेश में अंतिम स्थान मिला है। लक्ष्य के सापेक्ष दस फीसदी मानव दिवस सृजित किए गए हैं। 244 ग्राम पंचायतों में से 277 में मानव सृजन दिवस शून्य हैं। सीडीओ ने खंड विकास अधिकारी राजीव कुमार को स्थिति में सुधार करने के निर्देश दिए हैं।
सीडीओ अभिराम त्रिवेदी ने खंड विकास अधिकारी को भेजे पत्र में बताया कि जिले में योजना अंतर्गत पौधरोपण का 17 फीसदी मस्टरोल जारी किया गया है। यह चिंताजनक है। कैच द रेन कार्यक्रम अंतर्गत वाटर हार्वेस्टिंग, जल भंडारों का रखरखाव, सूक्ष्म सिंचाई, सूखा राहत कार्य, बाढ़ नियंत्रण और भूमि सुधार कार्य की स्थिति खराब है। निर्देश के बावजूद जिले में 2019-20 के 680 कार्य अपूर्ण हैं और 677 कार्यों का एक वर्ष से भुगतान नहीं किया गया है। इसके अतिरिक्त 444 कार्यों का दो वर्ष और 168 कार्यों का तीन वर्ष से भुगतान अटका है। 2019-20 में 95 कार्यों का पांच फीसदी ही भुगतान किया गया है। 2021-22 में 118 कार्यों में से 13 कार्यों का शत-प्रतिशत से अधिक भुगतान किया गया है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना अंतर्गत 55 आवासों में से दस को ही तीन माह पश्चात दूसरी किस्त जारी की गई है। जिले में 29.35 फीसदी भुगतान समय से किया गया है। जिले में 6167 रिजेक्ट ट्रांजेक्शन में से 1929 ट्रांजेक्शन लंबित हैं। उन्होंने खंड विकास अधिकारी को कार्यशैली में सुधार करने के निर्देश दिए हैं।
जिले में अपूर्ण पड़ी ट्रांजेक्शन
जिले में बागपत ब्लॉक में 48, बड़ौत में 131, बिनौली में 497, छपरौली में 43, खेकड़ा में 379, पिलाना में 547 ट्रांजेक्शन रिजेक्ट हैं।