बड़ौत। शाहमल एंकलेव बिजरौल रोड पर गन्ना विकास समिति और गन्ना विकास परिषद के चेयरमैन, डायरेक्टर, प्रधानों और गन्ना किसानों की बैठक में निर्णय लिया आगामी गन्ना सत्र में मलकपुर चीनी मिल को गन्ना न दिया जाए। इसे लेकर 22 अगस्त को गन्ना समिति बोर्ड की बैठक में क्षेत्र के अन्य मिलों के कांटे लगाने के प्रस्ताव लिए जाएंगे।
इस बैठक में मलकपुर चीनी मिल की गन्ना विकास समिति के चेयरमैन धूम सिंह और गन्ना विकास परिषद के चेयरमैन धर्मेंद्र तोमर ने कहा मलकपुर चीनी मिल द्वारा किसानों के गन्ने का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इससे क्षेत्रीय गन्ना किसान परेशान हैं।
उन्होंने कहा बैठक में फैसला लिया इस बार आगामी गन्ना सत्र में मलकपुर चीनी मिल को गन्ना न दिया जाए। इसके लिए 22 अगस्त को गन्ना समिति बड़ौत परिसर में बोर्ड बैठक बुलाई है। इसमें समितियों के चेयरमैनों ने मलकपुर चीनी मिल को गन्ना देने वाले सभी ग्राम प्रधानों, समितियों के डायरेक्टर और सभी गन्ना किसानों से कहा वे अपने-अपने गांव में गांव प्रधान द्वारा या खुद सादे कागज पर अन्य शुगर मिलों के कांटे लगाने के लिए गन्ना समिति बोर्ड की बुलाई गई बैठक में अपना आवेदन पत्र दे सकते हैं। समिति की बैठक में मिले सभी आवेदकों को समिति की तरफ से सितंबर माह के प्रथम होने वाली कैन कमिश्नर उप्र की गन्ना सुरक्षण बैठक में रखकर अन्य शुगर मिलों के कांटे लगवाने के लिए भेजे जाएंगे।
इसमें डायरेक्टर कुलबीर, सुरेश, अभिनव, ओमपाल सिंह, सुमन, श्योदान सिंह, धर्मेंद्र सिंह, भूपेश राणा, उपेंद्र, कर्ण सिंह, जयपाल सिंह, रणवीर सिंह फौजी, विजय कुमार, दीपक, योगेंद्र सिंह, कृष्ण सिंह, सुधीर कुमार, ओमवीर सिंह, भोपाल सिंह, राज कुमार, रविंद्र सिंह आदि रहे।