बड़ौत विधायक लोकेश दीक्षित बसपा नेताओं के साथ डीएम से मिलने पहुंचे तो कलक्ट्रेट का चैनल वाला गेट बंद मिला। किसी तरह विधायक अंदर पहुंचे। इसके बाद डीएम को बामनौली गांव में चकबंदी प्रक्रिया की विसंगतियों के विषय में बताया।
बसपा विधायक ज्ञापन देने लगे तो डीएम कुर्सी पर ही बैठे रहे। इस पर विधायक ने डीएम को प्रोटोकॉल याद दिलाकर खड़े होकर ज्ञापन लेने की बात कही। इसके बाद डीएम ने खड़े होकर ज्ञापन लिया।
मामला सोमवार दोपहर का है। बसपा विधायक लोकेश दीक्षित, टीकरी की चेयरमैन राजबाला चौधरी और अहमद हमीद विभिन्न गांवों के लोगों के साथ डीएम ह्दय शंकर तिवारी से मिलने पहुंचे । कलक्ट्रेट में चैनल वाला गेट बंद मिला।
इसके बाद बसपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल दूसरे गेट से पहुंचा, दूसरा दरवाजा भी बंद था। यहां मौजूद सुरक्षाकर्मी ने बसपा नेताओं के साथ आए अधिक लोगों को देख दरवाजा बंद कर दिया। बसपा विधायक ने यहां किसी तरह गेट खुलवाया और डीएम ऑफिस पहुंचे। दीक्षित ने डीएम के सामने गेट बंद होने पर आपत्ति जाहिर की। इसके बाद बामनौली में चकबंदी प्रक्रिया और कांशीराम कॉलोनी की दंपति की समस्या रखी।
तहसील क्षेत्र के बामनौली गांव में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। गांवों के धनाढ्य लोग गरीबों की जमीनों पर अपना कब्जा करके उन्हें गांव से पलायन करने पर मजबूर कर रहे हैं। डीएम को बताया सरूरपुर कलां गांव की महिला चंद्रो देवी की जमीन पर भी कुछ लोगों ने कब्जाया। डीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें बसपा जिला अध्यक्ष जयकुमार जाटव, ओमप्रकाश कश्यप, फिरोज खान, रोबिन, इरशाद अल्वी, चेतराम, राज कुमार, ओम सिंह, डॉ. बेगराज , धर्म सिंह, डॉ. श्याम सुंदर, डॉ. सुधीर आदि रहे।
बसपा नेता ज्ञापन देने लगे तो डीएम कुर्सी पर ही बैठे थे। इस बीच विधायक ने उन्हें प्रोटोकॉल की बात कही, इसके बाद डीएम ने खड़े होकर ज्ञापन लिया। विधायक लोकेश दीक्षित ने कहा कलक्ट्रेट का गेट बंद नहीं होना चाहिए। यह बेहद दुखद है। दूसरे डीएम को उनका ज्ञापन खड़े होकर लेना चाहिए था।
गेट बंद करने की प्रथा नहीं बदली तो आंदोलन होगा। वहीं डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने कहा विधायक ने आने की पहले से कोई जानकारी नहीं दी थी। चकबंदी प्रक्रिया के जिस मुद्दे पर वह आए थे, वह सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर चल रहा है। उन्होंने नियमानुसार ज्ञापन लिया ।