बागपत में पेयजल में रासायनिक तत्व मरकरी के बढ़ने से बच्चों में बीमारियां बढ़ रही है। सरकारी अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी है। इससे बच्चों की हड्डियां कमजोर हो रही है। इसके अलावा खून की कमी, लीवर और बच्चों में चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है।
पेयजल में प्रदूषण बीमारियां परोस रहा है। रासायनिक तत्वों की बढ़ोत्तरी से बीमारियां फैल रही है। रासायनिक तत्व मरकरी के चलते लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ता जा रहा है। सीएमएस डॉ बीएलएस कुशवाहा ने बताया पेयजल में मरकरी के बढ़ने से किडनी पर असर होता है। बच्चों की हड्डियां कमजोर पड़ रही है।
बच्चों का स्वास्थ्य भी गड़बड़ा गया है। यह रसायन तत्व तेजी के साथ लोगों में अटैक करता है, धीरे-धीरे अंदर ही अंदर खोखला कर रहा है, जो चिंता का कारण है। पीने के लिए पानी को उबालकर प्रयोग करें। आरओ को इस्तेमाल भी कर सकते हैं। भूगर्भ जल को फैक्ट्रियों ने कारखानों ने प्रदूषित कर दिया है।
बच्चों में लक्षण
खून की कमी हो जाना
लीवर खराब
मानसिक तौर से बीमार
चिड़चिड़ापन
बड़ों में लक्षण
गुर्दे खराब हो जाना
हड्डी कमजोर पड़ना
पाचन क्रिया गड़बड़ाना
भूख कम लगना
बचाव के उपाय
पानी को उबाल कर या फिर आरओ पानी का इस्तेमाल करें
बीमारियों के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकों से सलाह लें
नदियों और नालों के पास से पीने योग्य पानी की जांच कराएं
चिड़चिड़ेपन को समझें बीमारी
बच्चा रोग विशेषज्ञ डॉ. सत्यप्रकाश विमल ने बताया मरकरी रसायन तत्व उद्योग से निकालने वाले केमिकल से बढ़ रहा है। इस रसायन तत्व से बच्चे जकड़ में आ रहे हैं। बच्चों में चिड़चिड़ापन, एक जगह न बैठना, पढ़ाई में मन नहीं लगना है तो समझो दूषित पानी पीने ने बीमार कर दिया है।
ईओ कर रहे शुद्ध पानी का दावा
ईओ सुदर्शन चंद्र ने बताया शहर का पानी पूरी तरह शुद्ध है। हर माह पानी की जांच कराई जाती है। इसमें किसी भी तरह के कोई कमी नहीं मिली है। क्लोरिन को नियमित मात्रा में डाला जा रहा है। शहर क्षेत्र में नौ नलकूप से पानी की सप्लाई होती है। वहीं चार ओवर हैंड टैंक बने हैं। 325 हैंडपंप है, जिसे साफ सुथरा पानी निकलता है, जिसे लोग घरेलू इस्तेमाल में ले रहे हैं।