बागपत में ठंड से बचाव के लिए पुआल जलाकर सर्दी से बचाव करते लोग।
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पिछले साल की रात और नए साल के पहले दिन का पारा धड़ाम हो गया। जिले के लोग कंपकंपा गए। न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री तक रिकॉर्ड किया गया। जिले में कोहरे के कारण आवागमन प्रभावित रहा। दिल्ली-सहारनपुर रेललाइन की ट्रेनें भी देरी से चलीं, इस कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पिछले 24 घंटे से ठंड और कोहरे का प्रकोप एकाएक बढ़ गया। रविवार की रात में न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री तक गिर गया। तापमान गिर जाने से ठंड ने पैर पसार लिए। ठंड के साथ कोहरा छाए रहने से लोगों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। रविवार की में रात के अलावा सोमवार को सुबह 11 बजे तक कोहरा छाया गया। इस कारण सड़कों पर वाहनों का आवागमन प्रभावित रहा।
सोमवार को दिन का न्यूनतम तापमान भी 14.1 डिग्री तक गिर गया। कोहरे और सर्दी के कारण जन जीवन अस्त-व्यस्त रहा। डेढ़ बजे के बाद धूप निकली तो लोगों को सर्दी से राहत मिली। जगह-जगह सर्दी से बचने के लिए अलाव का सहारा राहगीरों ने लिया।
उधर, सोमवार को दिन ढलते ही फिर से कोहरा छा गया। ठंड का असर सरकारी दफ्तरों में भी देखने को मिला। ठंड के कारण सरकारी दफ्तरों में शिकायत करने वाले लोग भी कम पहुंचे। बाजार में भीड़ कम रही। कोहरे के कारण शाम के समय बाजार भी जल्दी ही बंद हो गया।
ट्रेनों की चाल हो गई धीमी
बड़ौत। घने कोहरे के चलते जहां वाहनों की गति धीमी हो गई है, वहीं दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर चलने वाली अधिकांश ट्रेनों की रफ्तार भी कम हो गई हे। इस कारण कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही हैं।
सोमवार को भी ट्रेनें के विलंब होने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्टेशन अधीक्षक पीके बोस ने बताया कि कोहरे के चलते अधिकांश ट्रेन लेट चल रही है। कोहरा खत्म होने पर ही ट्रेनों की गति में सुधार हो पाएगा।