बाछौड़ में प्यार का ऐसा हुआ अंजाम
- प्रेमी युवक की मां और दो बहनों की जान चली गई, प्रेमिका के परिवार पर भी सलाखों के पीछे जाने का खतरा
- आरोपी युवक के पिता ने टूटा दरवाजा दिखाकर बताई पूरी घटना, बोले, एसआई ने खूब की अभद्रता
- इसी से आहत होकर मां और उसकी दो बेटियों ने विषाक्त पदार्थ निगला, परिवार में अब पिता व दो बेटे ही रह गए
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बाछौड़ गांव में युवक और युवती के बीच प्यार का ऐसा अंजाम हो सकता है, शायद ही किसी ने सोचा होगा। प्रेमी युवक की मां और दो बहनों की जान चली गई जबकि उसकी प्रेमिका के परिवार पर सलाखों के पीछे जाने का खतरा बढ़ गया है। दोनों के परिवारों को जिंदगी भर के लिए दुख मिल गया है। मोहल्ले की गलियां सूनी पड़ी है। दोनों परिवारों में चूल्हे तक नहीं जले है। युवक के पिता ने हंसते खेलते परिवार की दुर्गति के लिए पुलिस की करतूत को वजह बताया है।
बाछौड़ गांव निवासी युवक प्रिंस करीब 15 दिन पहले क्षेत्र की ही युवती के साथ घर से चला गया था। युवती के परिवार की ओर से रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। 24 मई को पुलिस ने उसके घर दबिश दी तो मां गीता उर्फ अनुराधा और दो बहनों स्वाति व प्रीति ने विषाक्त पदार्थ निगल लिया। अब तीनों की मौत हो चुकी है। पिता महक सिंह ने 24 मई की पूरी घटना के बारे में बताया कि वह घर से बाहर था। छोटा बेटा सूरज अपनी बुआ के घर गया हुआ था। घर में पत्नी गीता उर्फ अनुराधा और दो बेटियां स्वाति व प्रीति ही थी। पुलिस रात में अपने साथ युवती के परिजनों को लेकर उनके घर पहुंची और उनके मकान का दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया।
पत्नी ने उसके पास फोन करके इस बारे में बताया। उसने कह दिया कि पुलिस अपने साथ प्रधान को लेकर आएगी, तभी दरवाजा खोलना। उसका आरोप है कि एसआई नरेश पाल पहले भी कई बार दबिश के नाम पर घर आया और अभद्रता करके जाता था। इसलिए प्रधान की मौजूदगी के बिना दरवाजा खोलने से मना कर दिया था। एसआई अपने साथ अन्य लोगों को लेकर छत पर पहुंच गया और सीढ़ियों में लगा दरवाजा भी तोड़ दिया। आरोप है कि घर में घुसकर एसआई ने अभद्रता शुरू कर दी। इसी से आहत उसकी पत्नी और दोनों बेटियों ने गेहूं में डालने को घर में रखी सल्फास की गोलियां उठा ली। एसआई से कहा कि अगर उसने अभद्रता बंद नहीं की तो वे सल्फास की गोलियां निगल लेंगी। मगर, अभद्रता बंद नहीं होने के कारण तीनों ने सल्फास की गोलियां निगल ली। कहना है कि उसका पूरा परिवार ही उजड़ गया है। अब परिवार में उसके अलावा दो बेटे प्रिंस और सूरज ही बचे है। प्रिंस का कोई अता-पता नहीं है।
उधर, इस मामले में थाने के एसआई नरेशपाल के युवती के दो भाइयों और परिवार के तीन अन्य लोगाें के खिलाफ भी मामला दर्ज है। गीता उर्फ अनुराधा और दो बेटियों स्वाति व प्रीति की मौत के बाद इन सभी पर भी जेल जाने का खतरा मंडरा रहा है। यह सभी फरार है। दोनों के मोहल्ले की गलियां सूनी है। परिवार में चूल्हे तक नहीं जले है। गांव में सिर्फ इसी बात की चर्चा है कि युवक-युवती के प्रेम प्रसंग का ऐसा अंजाम किसी ने सोचा नहीं था। दोनों परिवारों के लिए यह मामला जिंदगी भर का गम दे गया है।