लेखपाल भर्ती मुख्य परीक्षा के सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड को पकड़ने के लिए सोमवार को एसटीएफ ने बागपत के कई गांवों में ताबड़तोड़ दबिश दी, लेकिन कोई आरोपी हाथ नहीं लगा।
बता दें कि 31 जुलाई को मुरादाबाद में लेखपाल भर्ती की मुख्य परीक्षा संपन्न हुई थी। इस दौरान एसटीएफ ने अलग-अलग जगहों से सॉल्वर गैंग के 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए युवकों में एक छपरौली निवासी भी बताया गया। वहीं सॉल्वर गैंग का मास्टरमाइंड जनपद बागपत का रहने वाला बताया गया है। चर्चा है कि उक्त मास्टरमाइंड आरोपी नगर का ही रहने वाला है।
वहीं सोमवार को एसटीएफ मेरठ ने स्थानीय पुलिस कर्मियों के साथ बड़ौत, बावली, मलकपुर, रूस्तमपुर, जौनमाना, ढ़िकाना सहित अन्य गांवों में ताबड़तोड़ दबिश दी। हालांकि नतीजा शून्य रहा।
बता दें कि एसटीएफ मेरठ ने मुरादाबाद से नीरज, मोहित निवासी सोनीपत, रविंद्र निवासी सोनीपत और संदीप निवासी तिलवाड़ा छपरौली (बागपत) को गिरफ्तार किया था। बागपत का ही मास्टरमाइंड सुमित फरार बताया गया है। बागपत का सचिन भी 2018 में पुलिस भर्ती परीक्षा में सेंधमारी के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। सचिन का दोस्त सुमित बागपत के हेवा गांव का रहने वाला बताया है।
यह भी पढ़ें: भयावह तस्वीरें: चंद मिनटों में उजड़ गईं पांच जिंदगियां, खौफनाक मंजर देख कांपी लोगों की रूह, ये थी हादसे की वजह
यूपी टीईटी परीक्षा में मेरठ से गिरफ्तार किया गया मोनू निवासी बड़ौत भी अभी कुछ दिन पहले जेल से बाहर आया है। सीओ युवराज सिंह ने बताया कि एसटीएफ और स्थानीय पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दे रही है, जल्द ही आरोपी पुलिस हिरासत में होगा।