अब 24.15 लाख है आबादी
मेडा के टाउन प्लानर विजय कुमार सिंह ने बताया कि सीएलपी के तहत किए गए आकलन में तेजी से बढ़ती आबादी के मद्देनजर वर्ष 2042 में अपेक्षित सुविधाओं का आकलन किया गया है। इसके तहत 1971 में मेरठ की आबादी तीन लाख 71 हजार थी, जो 1981 में पांच लाख 45 हजार, 1991 में आठ लाख 50 हजार हुई।
इसके बाद 2001 की जनगणना के तहत मेरठ की आबादी 11.71 लाख थी, जो 2011 में 14 लाख 20 हजार जा पहुंची। आकलन के अनुसार 2022 में संभावित आबादी 24 लाख 15 हजार है। इसी को आधार मानकर अर्बन मास ट्रांजिट कंपनी यूएमटीसी ने ड्राफ्ट तैयार किया है। ऐसे में 2032 में मेरठ की आबादी 29 लाख और 2042 में 35 लाख के करीब होगी।
हापुड़ रोड होगा दूसरा औद्योगिक केंद्र : मेरठ महायोजना-2031 में लॉजिस्टिक पार्क प्रस्तावित है। इसके लिए दौराला में 39.06 हेक्टेयर क्षेत्र की आवश्यकता बताई गई है। सीएलपी के तहत बताया गया है कि रैपिड रेल पर दिल्ली से मेरठ का काम तेजी से चल रहा है।
परतापुर के आसपास औद्योगिक क्षेत्र विकसित है, जबकि क्षेत्र के विस्तार के साथ हापुड़ रोड पर दूसरा औद्योगिक केंद्र विकसित किए जाने की दरकार है। हापुड़ रोड को चरणबद्ध तरीके से सिक्स लेन में विकसित किया जा रहा है। मेरठ-प्रयागराज एक्सप्रेस भी हापुड़ रोड स्थित बिजौली से शुरू हो रहा है।