बागपत। मेरठ-बागपत हाईवे (एनएच 334बी) निर्माण ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है। प्रोजेक्ट का समय फरवरी 2022 तक का है, लेकिन इससे पहले ही कार्य पूरा हो जाने की उम्मीद है। जिससे बागपत से मेरठ तक का सफर सुगम हो जाएगा। 43.71 किलोमीटर हाईवे निर्माण पर 371 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।
कोरोना की वजह से हुई देरी
कोरोना की पहली लहर में लॉकडाउन और दूसरी लहर में कोरोना कर्फ्यू के चलते हाईवे निर्माण करीब छह माह बंद रहा। जून में फिर से कार्य शुरू हुआ है। अब निर्माण ने रफ्तार पकड़ ली है। इसके दोनों ओर नाले का निर्माण किया जा रहा है। वहीं, बिजली के खंभे भी शिफ्ट करा दिए हैं।
14 मीटर चौड़ा दो लेन का होगा हाईवे
मेरठ-बागपत हाईवे की चौड़ाई आबादी वाले क्षेत्र में 14 मीटर की होगी। आबादी से दूर हाईवे पर दोनों ओर दो-दो मीटर की पटरी का निर्माण कराया जाएगा। आबादी वाले क्षेत्रों बालैनी, अमीनगर सराय मोड़, डौला गांव, कस्बा अग्रवाल मंडी टटीरी, हमीदाबाद आदि में डिवाइडर का निर्माण होगा।
अग्रवाल मंडी टटीरी में फंसा पेंच
अग्रवाल मंडी टटीरी में हाईवे निर्माण में पेंच फंसा है। यहां के ग्रामीण सड़क के बीच से 10-10 मीटर जगह पर हाईवे निर्माण की मांग कर रहे थे। जबकि निर्माण कंपनी 13-13 मीटर जगह लेने पर अड़ी थी। इसके विरोध में भाकियू के बैनर तले 15 दिन धरना-प्रदर्शन चला। इसके बाद में विधायक योगेश धामा और एसडीएम अनुभव सिंह ने धरना समाप्त कराया था।
वर्जन :-
मेरठ-बागपत हाईवे निर्माण की सभी बाधा लगभग समाप्त हो गई हैं। कंपनी भी तेजी से काम कर रही है। फरवरी 2022 तक प्रोजेक्ट पूरा होने का समय है। इसी रफ्तार से काम चलता रहा तो यह समय से पहले पूरा हो जाएगा।- संजय कुमार मिश्रा, परियोजना निदेशक एनएचएआई