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बंद रहे दवाखाने, परेशान रहे तीमारदार

Thu, 15 Oct 2015 12:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बड़ौत
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आनलाइन दवा  व्यापार एवं रिटेल मेडिकल स्टोरों पर फार्मेसिस्ट की अनिवार्यता के विरोध में जिले के सभी मेडिकल स्टोर बुधवार को बंद रहे। एसोसिएशन ने अपनी मांगों के संबंध में प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
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दि बागपत केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी बुधवार को एकत्र होकर कलक्ट्रेट पहुंचे और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। महामंत्री अशोक कुमार  शर्मा ने बताया  कि  आनलाइन मेडिसिन ट्रेडिंग से दुकानदारों को काफी नुकसान होगा। फुटकर दुकानदारों के लिए फार्मेसिस्ट अनिवार्य किया गया है।

 इतने फार्मेसिस्ट तो हैं नहीं। ऐसे में सरकार को ट्रेनिंग दिलाकर इन्हें ही अनुमति देनी चाहिए। ज्ञापन देने वालों में राजेंद्र सिंह, राजपाल, सुनील चौहान, हाफिज खान, जावेद, मुस्तकीम, राजकुमार, अंश शर्मा, सोनू चौहान, मनोज शर्मा, अमित जैन शामिल रहे।
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खेकड़ा। केंद्र सरकार ने दवाइयों की ऑनलाइन शॉपिंग को मंजूरी देने की तैयारी कर ली है। दवा विक्रेता इसके विरोध में उतर आए हैं। देश भर के दवा विक्रेताओं के साथ नगर व क्षेत्र के मेडिकल स्टोर भी बुधवार को बंद रहे। इस कारण मरीजों को दिन भर भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

उधर, दवा विक्रेताओं का कहना है कि इससे दवाइयों के विक्रय पर किसी का नियंत्रण नहीं रह जाएगा। अगर कोई व्यक्ति अपना प्रिस्क्रप्शन का पर्चा ऑनलाइन शॉपिंग साइट पर भेज देगा तो वह उसे नशीली दवाइयां भी आसानी से उपलब्ध करा देंगे, जिससे नशे की समस्या पैदा होगी।

बुधवार को नगर में आयोजित बैठक में खेकड़ा केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आबिद अली ने कहा कि सरकार को मेडिसिन की ऑनलाइन शॉपिंग को मंजूरी नहीं देना चाहिए। ऐसा होने से दवाइयों की कालाबाजारी बढ़ेगी और उनकी गुणवत्ता भी संदेह के घेरे में आ जाएगी।

वक्ताओं ने कहा कि अगर सरकार ने दवा विक्रेताओं की मांगें नहीं मानी तो, वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि दवाइयों की ऑनलाइन शॉपिंग से उन सैकड़ों लोगों का रोजगार छिन जाएगा जो इस व्यवसाय से जुड़े हैं।
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