पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में मंगलवार को बड़ौत ब्लॉक के मतदाताओं ने अपने चुनिंदा जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत के प्रत्याशी के पक्ष में अपना फैसला मतपेटियों में कैद कर दिया। इस ब्लाक में 62.8 फीसदी मतदान हुआ। कोताना गांव में बगैर आईडी और फर्जी वोट डालने पर वोटरों की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई।
इस केंद्र पर हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। खड़ख़ड़ी गांव में भी दो पक्षों में भी संघर्ष हुआ। आदल्लाबाद में मतपेटियों को लूटने की कोशिश की गई। हिलवाड़ी गांव में भी जिला पंचायत पद के प्रत्याशी की पत्नी के साथ हाथापाई की गई।
जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव में जोनमाना, लुहारी, ढिकाना, आदलाबाद, शबगा, सिनौली, मलकपुर, लोयन, बावली, बिजरौल, कंडेरा, गूगंाखेडी, छछरपुर, वाजिदपुर, अंगदपुर जौहड़ी, गुराना, बड़ावद, हिलवाड़ी, औसिक्का, बड़का आदि गांव में शुरू में मतदान धीमी गति से शुरू हुआ।
कई मतदान केंद्र खाली दिखाई दिए। सुबह सात बजे से 9 बजे तक 10.75 प्रतिशत मतदान हुआ। 9 से 11 बजे तक 22.25 प्रतिशत मतदान हुआ। 11 से एक बजे तक 37.91 प्रतिशत मतदान हुआ। दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक 52.11 प्रतिशत मतदान हुआ।
इस ब्लाक में कुल 62.8 फीसदी मतदान हुआ। ब्लाक क्षेत्र के कुल 1.65 लाख मतदाताओं में से 1.4362 लाख मतदाताओं ने मतदान में हिस्सा लिया। छिटपुट घटनाओं को छोड़ इन गांवों में मतदान शांतिपूर्ण रहा। डीएम नरेंद्र शंकर पांडेय व एसपी रवि शंकर छवि, एसडीएम यशवर्द्धन श्रीवास्तव, सीओ सीपी सिंह ने मतदान केंद्रों का दौरा किया और दोनों अधिकारी बड़ौत में डेरा डाले रहे।
प्रत्याशी गुणा-भाग करते रहें
बड़ौत। मतदान समाप्त होते ही ब्लॉक क्षेत्र के जिला पंचायत व बीडीसी प्रत्याशी अपनी जीत-हार के गुणा-भाग में जुट गए। सभी प्रत्याशी अपना जीत का दावा करते रहे।
एक नवंबर को खुलेगा पिटारा
बड़ौत। बड़ौत ब्लॉक में वार्ड नंबर 8, 9, 10, 11 में जिला पंचायत सदस्यों के लिए मतदान हुआ, जिसमें 72 प्रत्याशी मैदान में थे। उधर, ब्लॉक के 44 गांवों के 110 वार्डों के लिए बीडीसी सदस्यों का चुनाव हुआ, जिसमें 352 प्रत्याशी मैदान में थे। इन सबका भाग्य पेटी में बंद हो चुका है। एक नवंबर को मतगणना होगी, जिसमें प्रत्याशियों के भाग्य का पिटारा खुलेगा।
आईडी को लेकर उलझे लोग
बड़ौत। बड़ौत ब्लॉक में हुए दूसरे चरण के पंचायत चुनाव में आईडी को लेकर सभी गांव में वोटरों और सुरक्षा कर्मियों से नोकझोंक हुई। क्योंकि अधिकांश मतदाताओं के वोटर कार्ड बनकर नहीं आए थे। बड़ौली, कोताना, सिनौली में भी इसी बात को लेकर हंगामे की स्थिति रही और तीखी नोकझोंक हुई।
10 वोट तूने डाल लिए, अब मेरी बारी
सुबह से 10-10 वोट दो बार तूने डाल लिए हैं, अब मेरी बारी है। तू बाहर नजर रख, मैं ठप्पा लगाकर आता हूं, कोई आता नजर आए तो तुरंत बता देना। पीठासीन को तो मैं देख लूंगा, तू बस देखता रह। यह नजारा कई मतदान केंद्रों पर देखने को मिला। बड़ौली मतदान केंद्र के एक बूथ पर तैनात दो अलग-अलग प्रत्याशियों के मतदान अभिकर्ताओं (पोलिंग एजेंट) ने आपस में मिलीभगत कर बूथ के अंदर ही जमकर खेल किया और खूब वोट डाले।
अकेले बड़ौली गांव का ही यह मामला नहीं है, बल्कि बड़ौत के कोताना, बावली, लुहारी, बरवाला, मलकपुर, जागोस, चौबली, बिराल, बिजरौल, सिनौली में भी एजेंटों ने जमकर मुहर लगाई। यही नहीं दोपहर 11 बजे के बाद इनमें से एक भी बूथ पर चार-पांच मतदाता से अधिक नजर नहीं आए। हालांकि मतदान प्रतिशत दिन चढ़ने के साथ ही बढ़ता चला गया। जमकर फर्जी वोटिंग की गई। कोताना में सुबह ही दो लोगों को फर्जी वोटिंग करते हुए पकड़ लिया गया। हालांकि फर्जी मतदान बंद नहीं हुआ।
मतपेटियां लूटने की कोशिश
बड़ौत। आदल्लाबाद में बूथ कैप्चरी कर रहे ग्रामीणों को पुलिस ने लाठियां फटकारते हुए भगाया। जब शाम को मतदान समाप्त हो गया, तो कुछ लोगों ने मतपेटी लूटने का प्रयास किया। पुलिस बल की सतर्कता से लोग मतपेटी लूटने में कामयाब नही हो पाए।
सीओ सीपी सिंह ने निर्देश दिए की बूथ के साथ लगी पुलिस मतपेटियों को मतदान केंद्रों तक जमा कराएगी। उन्हें पुलिस सुरक्षा में ले लाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस घटना में शामिल लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।