बागपत। दुग्ध उत्पादकों को सुविधा उपलब्ध कराने और जिले में ही दूध को सुरक्षित रखने की कवायद शुरू हो गई है। गगोल सहकारी संघ मेरठ अब शेरपुर लुहारा और पिलाना में बल्क मिल्क सेंटर (बीएमसी) शुरू करेगा। दोनों सेंटरों पर छह हजार लीटर दूध को सुरक्षित किया जा सकेगा।
गगोल सहकारी संघ मेरठ की ओर से जिले के पशुपालकों से दूध की खरीद की जाती है। वर्तमान में करीब 45 समितियों से आठ हजार लीटर दूध खरीदा जा रहा है। देहात से मेरठ तक दूध जाने में खराब होने का खतरा रहता है। समिति ने अब दूध को खराब होने से बचाने के लिए नया कदम उठाया है। जिले से दूध की खरीद कर उसे मेरठ ले जाने के बजाए बागपत में ही स्थापित किए जाने वाले बीएमसी यानि बल्क मिल्क सेंटर पर ले जाया जाएगा। यहां दूध को निर्धारित तापमान पर ठंडा करने के बाद ही आगे सप्लाई पहुंचाई जाएगी।
सीडीओ पीसी जायसवाल से मिलने पहुंचे सहकारी संघ मेरठ के डॉ अतुल गुप्ता ने बताया कि बागपत जिले में दो सेंटर बनाए गए हैं। पिलाना और शेरपुर लुहारा में प्लांट बनकर तैयार हैं। अब यहां मशीन की खरीद की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही जिले के लोगों को लाभ मिलेगा।
छह हजार लीटर की क्षमता
बागपत। पिलाना और शेरपुर लुहारा सेंटर की क्षमता तीन-तीन हजार लीटर दूध की होगी। मेरठ की सीमा से लगे गांवों का दूध सीधे वहां जाएगा, जबकि दूर क्षेत्र के गांव का दूध इन दोनों सेंटरों पर सुरक्षित कर लिया जाएगा।
दूध खरीद को बढ़ाने का लक्ष्य
बागपत। गगोल सहकारी संघ में बागपत जिले का कार्य देख रहे डॉ अतुल गुप्ता का कहना है कि दूध की खरीद बढ़ाए जाने का लक्ष्य है। चिलिंग प्लांट नहीं होने से दूध के खराब होने का खतरा रहता था। अब सुविधा हो जाएगी।
दुग्ध उत्पादकों को होगा लाभ
बागपत। सीडीओ पीसी जायसवाल का कहना है कि इससे जिले के दुग्ध उत्पादकों को लाभ मिलेगा। गांव के आसपास ही वह दूध की सप्लाई कर सकेंगे।
दिल्ली सप्लाई करते हैं दूध
बागपत। जिले के दुग्ध उत्पादक बड़ी मात्रा में दूध की दिल्ली में सप्लाई करते हैं। ट्रेन और निजी वाहनों से दूध को दिल्ली ले जाया जाता है। सेंटर बन जाने से दूध की सप्लाई मेरठ बढ़ जाएगी।