बागपत। जिले में ढाई साल की लंबी जद्दोजहद के बाद शनिवार को महायोजना 2031 लागू हो गई। मेरठ में मंडलायुक्त की अध्यक्षता में विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में महायोजना पर मुहर लगाई गई। अब एक सप्ताह के अंदर महायोजना का नक्शा जारी कर दिया जाएगा और उसके आधार पर कार्य कराए जा सकेंगे।
बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण ने महायोजना-2031 का जून 2022 में ड्राफ्ट तैयार किया था। इसपर अगस्त 2022 के आखिर तक आपत्तियां व सुझाव मांगे गए थे। उनका निस्तारण करके कमिश्नर की मुहर लगने के बाद इसे शासन में भेजा गया था। इसके बाद महायोजना में बदलाव शुरू किया गया और उसमें कई बड़े बदलाव करके दोबारा आपत्ति व सुझाव मांगे गए थे।
उनका भी निस्तारण करके कई महीने पहले महायोजना में दोबारा बदलाव करके कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में उसे मंजूर करके शासन को भेज दिया गया था। जहां कई महीने से महायोजना अटकी थी और उस पर अक्तूबर 2024 को लखनऊ में समिति ने अपनी मुहर लगाई। मगर, पिछले महीने डीएम व मंडलायुक्त के तबादलों के कारण विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक नहीं हो सकी थी।
अब दोबारा से मंडलायुक्त के यहां फाइल भेजने पर 22 फरवरी की बैठक रखी गई। इसको लेकर शनिवार को विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक मंडलायुक्त ऋषिकेश भास्कर यशोद की अध्यक्षता में हुई। इसमें डीएम अस्मिता लाल, एडीएम पंकज वर्मा, सहायक अभियंता प्राधिकरण आसिफ हुसैन समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे। वहां महायोजना पर मुहर लगाते हुए उसे लागू कर दिया गया। इस तरह महायोजना का ड्राफ्ट बनने के करीब ढाई साल बाद इसको लागू किया गया।