बागपत। नवादा गांव के दिनेश ने कभी तसला सिर पर उठाकर सड़क निर्माण के लिए मिट्टी नहीं डाली। इसी तरह ओमबीर ने कभी फावड़ा नहीं चलाया। फिर भी मनरेगा से 78,368 रुपये का भुगतान हो गया। यह केवल नवादा गांव में नहीं हुआ, बल्कि वर्ष 2025-26 में ऐसे करीब एक दर्जन गांवों में मनरेगा कार्य कराए बिना भुगतान करके लाखों रुपये का घपला कर दिया गया।
मनरेगा के घपले का खुलासा भी खुद प्रधानों व सचिवों ने किया है। जब उनको पता चला कि गांवों में मनरेगा से कार्य कराए बिना लाखों रुपये निकाले गए हैं तो वे खुद ही अधिकारियों के पास शिकायत करने लगे। नवादा के प्रधान सोहनलाल ने बीडीओ पिलाना को पूरे मामले की शिकायत की। गांव में केवल एक कार्य के लिए ही नहीं, बल्कि एक अन्य मार्ग पर मिट्टी डलवाने के नाम पर मनरेगा से 51,637 रुपये निकाल लिए गए। इस तरह हरियाखेड़ा गांव में मनरेगा से कार्य कराए बिना रुपये निकालने की शिकायत की गई है।
इन गांवों में भी मिल रही गड़बड़ी
छपरौली ब्लॉक
-ककड़ीपुर में कार्य नहीं करने वालों को 12,880 रुपये का भुगतान किया गया।
-चांदनहेड़ी में एक ही परिवार के तीन जॉब कार्ड बनाकर 193 दिन का कार्य दिखाया गया है और 21,850 रुपये का भुगतान किया गया है।
-ख्वाजा नंगला में 3,910 रुपये, सूप में 17,020 रुपये, तिलवाड़ा में 2,760 रुपये का गलत लोगों को भुगतान किया गया है।
बड़ौत ब्लॉक
-बड़ावद में बिना कार्य किए 2,300 रुपये का भुगतान किया गया है।
-छछरपुर में 12 दिन कार्य कराकर 26 दिन का भुगतान 5,520 रुपये कर दिया गया।
बिनौली ब्लॉक
-बिजवाड़ा में 1,940 रुपये का गलत भुगतान किया गया।
-नंगला रवा में 4,830 रुपये का भुगतान किया गया, जबकि श्रमिक के दो जॉब कार्ड और दो बैंक खाते होने पर दोनों में रुपये भेजे गए।
खेकड़ा ब्लॉक
-भैड़ापुर में 460 रुपये का गलत भुगतान किया गया।
पिलाना ब्लॉक
-डौलचा में काम नहीं करने वालों को 2,070 रुपये का भुगतान कर दिया गया।
इस तरह से भुगतान किया गया है तो यह काफी गंभीर मामला है। इसकी जांच कराई जाएगी और इसमें गड़बड़ी मिलती है तो उसके बाद कार्रवाई होगी। इसका पूरा रिकॉर्ड दिखवाया जाएगा और धरातल पर भी जांच कराई जाएगी।
-अस्मिता लाल, जिलाधिकारी