बागपत। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय विशेष पॉक्सो के न्यायाधीश संजीव कुमार ने शामली जिले के चौसाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी के साथ दुष्कर्म करने वाले मुजफ्फरनगर जिले के युवक को 20 साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही 30 हजार रुपये अर्थदंड लगाया, जिसे अदा नहीं करने पर दो साल की सजा बढ़ाई जाएगी।
शामली जिले के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 22 अप्रैल 2023 को बालैनी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि अपने परिवार के साथ जंगल स्थित ईंट भट्ठे पर मजदूरी करता था। 22 अप्रैल को पड़ोस के ईंट भट्ठे पर काम करने वाला मुजफ्फरनगर जिले के शाहपुर क्षेत्र का युवक उसकी नाबालिग बेटी को बहला फुसलाकर बाइक पर बैठाकर ले गया। नवादा गांव के पास उसके दामाद ने दोनों को देख लिया और शोर मचा दिया। इस पर युवक उसकी नाबालिग बेटी को छोड़कर भाग गया। पुलिस ने किशोरी के बयान दर्ज कराए तो उसने दुष्कर्म करने की बात बताई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जिसकी मेडिकल जांच में उम्र 16 साल होने का पता चला। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय विशेष पॉक्सो में हुई। सोमवार को सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश संजीव कुमार ने युवक पर दोषसिद्ध कर दिया, जो अब बालिग हो चुका है। न्यायाधीश ने दोषसिद्ध युवक को 20 साल कैद की सजा सुनाई और 30 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दो साल की सजा बढ़ाई जाएगी।
घटना के समय आरोपी नाबालिग, अब हो गया बालिग
घटना की जब प्राथमिकी दर्ज हुई, उस समय आरोपी की उम्र 16 साल थी और अब 18 साल 11 महीने है। बताया गया कि आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के मामले में आरोपी की उम्र 16 साल से कम है तो उसे अधिकतम तीन साल की सजा सुनाई जाएगी। अगर आरोपी की उम्र 16 से 18 साल है तो उसे आजीवन कारावास, फांसी की सजा छोड़कर 25 साल तक की सजा सुनाई जा सकती है। इसी आधार पर युवक को 20 साल की सजा सुनाई गई। सजा सुनाए जाने के बाद युवक को जेल भेज दिया गया।