बड़ौत। मलकपुर चीनी मिल द्वारा किसानों को नियमित रूप से इंडेंट जारी नहीं किया जा रहा है। इसका खामियाजा मिल से जुडे़ तीस हजार से अधिक किसानों को उठाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि न तो समय पर मिल भुगतान देती है और न ही नियमित रूप से इंडेंट जारी कर रही है। ऐसे में किसानों को गन्ने के खेत खाली करने में दिक्कतें हो रही हैं।
मलकपुर चीनी मिल प्रशासन के मुताबिक 36 हजार किसान मिल से जुडे़ हैं। ज्यादातर किसानों के गन्ने के खेत खाली हो चुकी हैं। वहीं, किसानों का कहना है कि अब भी मिल से जुडे़ लगभग 30 हजार किसानों के खेतों में 30 फीसदी गन्ना खड़ा है। नियमित इंडेंट जारी न होने पर किसानों की समस्या बढ़ गई है।
किसानों की समस्या बढ़ी
किसान लोकेन्द्र व कुलबीर का कहना है कि खेतों में 30 फीसदी गन्ना खड़ा है, लेकिन मिल द्वारा नियमित रूप से इंडेंट जारी नहीं किया जा रहा है। इससे समस्या ओर बढ़ गई है। एक तरफ गेहूं की कटाई शुरू होने वाली है तो दूसरी ओर खेतों में गन्ना खड़ा है।
पर्ची रद्द कर रही मिल
अमित व हरेंद्र का कहना है कि नाममात्र ही इंडेंट जारी किया जा रहा है। जो इंडेट जारी किया जा रहा है, वह दिन के दिन का है। यदि किसी कारणवश किसान मिल में गन्ना नहीं ले जा पाता तो उसकी पर्ची रद्द कर दी जाती है।
वर्जन
मलकपुर चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक मुकेश मलिक ने बताया कि रोजाना लगभग 80 हजार इंडेंट जारी किया जा रहा है। किसानों को कोई परेशानी नहीं है।
तौल बंद रहने से किसानों का हंगामा
बागपत। सरूरपुर कलां में रमाला मिल के क्रय केंद्र ए व बी पर बुधवार को तौल कार्य बंद होने से आक्रोशित किसानों ने हंगामा किया। किसानों में सुभाष नैन, कृष्णपाल, अनिल ने बताया कि गर्मी का सीजन चरम पर है। आए दिन तौल कार्य बंद होने व इंडेंट जारी न होने पर किसानों के सामने दिक्कतें उत्पन्न हो रही है। उन्होंने नियमित रूप से तौल कार्य जारी रखने व इंडेट जारी किए जाने की मांग उठाई।