बागपत की बड़ौत तहसील में मलकपुर चीनी मिल द्वारा भुगतान नहीं करने पर आंदोलित किसानों ने तहसीलदार से जवाबदेही मांगी। तहसीलदार ने गन्ना मिल के अधिकारियों को तहसील में बुलाया तो किसानों ने उन्हें बंधक बनाया। बाद में मिल के जीएम ने दूरभाष पर 12 सितंबर तक भुगतान कराने का आश्वासन दिया। बाद किसानों ने 16 सितंबर को पंचायत करने का निर्णय लिया।
सोमवार को गन्ना विकास परिषद समिति के चेयरमैन धर्मेंद्र तोमर और गन्ना विकास समिति के चेयरमैन धूम सिंह के नेतृत्व में क्षेत्र के ग्राम प्रधान, डायरेक्टरों और किसानों तहसील में पहुंचे और वहां मलकपुर चीनी मिल के गन्ना भुगतान को लेकर तहसीलदार राज बहादुर सिंह से जवाबदेही मांगी। तहसीलदार ने 15 दिन का नोटिस देने का हवाला देेकर शासन को रिपोर्ट भेजने की बात कही तो लेकिन लोग संतुष्ट नहीं हुए। किसानों ने कहा एक सितंबर को दिल्ली में मोदी हाउस को घेरेंगे।
इस दौरान तहसीलदार ने फोन करके मिल के जीएम (वित्त) विजय जैन और जीएम (गन्ना) को तहसील में बुलाया और उनसे भुगतान के संबंध में जवाब मांगा तो किसानों ने उन्हें बंधक बना लिया। कई घंटे बाद तहसीलदार की जीएम एमबी बंसल से फोन पर बात हुई, उन्होंने किसानों को 12 सितंबर तक मिल
मालिक से बात कर भुगतान कराने का आश्वासन दिया तो किसानों ने 15 सितंबर तक मिल में हो रहे कार्यों को रोकने की चेतावनी दी।
गन्ना विकास समिति के चेयरमैन धूम सिंह ने बताया हमें अन्य मिल के कांटे लगाने के लिए 70 गांवों के ग्राम प्रधानों ने बोर्ड बैठक में प्रस्ताव दिए है। बाद में किसानों ने 16 सितंबर को पंचायत कर आगामी रणनीति बनाने का निर्णय लिया। इस दौरान प्रधानों मेें धर्मेंद्र सिंह, कृष्णपाल, अनिल कुमार एडवोकेट, ओमवीर, योगेंद्र, दीपक, कृष्ण, संजीव, उपेंद्र, रविंद्र, सुभाष, देशपाल खोखर, धर्मेंद्र मैनेजर, मुकेश शर्मा, सुरेश, उपेंद्र, बिल्लू आदि रहे।