बड़ौत नगर पालिका द्वारा शिक्षण संस्थान के लिए दी गई भूमि पर कॉलोनाइजर्स ने शॉपिंग कांप्लेक्स बना दिया। इस कांप्लेक्स का निर्माण विकास प्राधिकरण और नगर पालिका के अधिकारियों के संरक्षण में किया गया। मामले का खुलासा होने पर विकास प्राधिकरण ने कार्रवाई के नाम पर सिर्फ एक फर्जी व्यक्ति के नाम नोटिस भेज दिया, जबकि पालिका की ओर से कोर्ट में वाद दायर कराया गया, लेकिन पैरवी नहीं की।
औद्योगिक क्षेत्र पुलिस चौकी के ठीक पीछे पूर्वी यमन नहर के किनारे स्थित इस करोड़ों रुपये की जमीन को नगर पालिका द्वारा 1987 में प्रिया शिक्षण संस्थान को आवंटित किया गया था। शिक्षण संस्थान की एक हजार वर्ग जमीन तभी से ही खाली पड़ी थी। लोग इस जमीन को भूल भी चुके थे। लगभग 28 साल बाद अचानक इस पर निर्माण शुरू करा दिया गया। बताया जा रहा है कि जिसको भूमि आवंटित की गई, उसने नगर पालिका के अधिकारियों की मिलीभगत से कॉलोनाइजर्स को करोड़ों रुपये में बेच दिया। अचानक इस पर कांप्लेक्स का निर्माण शुरू हो गया। निर्माण होते हुए काफी समय हो गया। आरोप है कि प्राधिकरण से इसका कोई नक्शा ही पास नहीं कराया गया। मिलीभगत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिस स्थान पर निर्माण चल रहा है, उससे सटा ही विकास प्राधिकरण के एक उच्चाधिकारी का आवास है। आरोप तो यहां तक है कि प्राधिकरण के ही जिला कार्यालय के ही एक बड़े अधिकारी की देखरेख में ही निर्माण कराया जा रहा है। किसी जवाबदेही और कार्रवाई से बचने के लिए प्राधिकरण द्वारा एक नोटिस भी काफी समय पहले भेजा गया, जिस व्यक्ति के नाम नोटिस जारी किया गया, उस व्यक्ति का न तो इस कांप्लेक्स से कोई लेना-देना है और न ही जमीन से। प्राधिकरण द्वारा सिर्फ खानापूर्ति की गई। नगर पालिका परिषद के अधिकारियों ने भी किसी कार्रवाई से बचने के लिए गुपचुप न्यायालय में वाद दायर कर दिया। लेकिन पैरवी आज तक नहीं कराई।
न्यायालय में चल रहा है वाद
प्रिया संस्थान के मालिक रामावतार गुप्ता को यह भूमि आवंटित की गई थी। अब उसकी देखरेख रामअवतार गुप्ता की पत्नी कर रहीं हैं। इसलिए पालिका द्वारा रामअवतार की पत्नी के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर किया है। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण को भी इस ध्वस्त कराने के लिए भी कहा है। - विनय कुमार मणि त्रिपाठी, ईओ, नगरपालिका, बड़ौत
पालिका ने लीगल नोटिस तक नहीं दिया
यह सही है कि जमीन शिक्षण संस्थान के लिए नगर पालिका ने दी थी। मगर, नगर पालिका ने इसका बैनामा कर दिया है। इस कांप्लेक्स के निर्माण के लिए नक्शा पास कराने के लिए आवेदन आया है। इसके लिए नगर पालिका से एनओसी मांगी गई है। नगर पालिका एनओसी देगी तो ही नक्शा पास किया जाएगा। - यशवर्द्धन श्रीवास्तव, सचिव, बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण।