बड़ौत (बागपत)। धर्मसागर महाराज नसिया कमेटी के तत्वावधान में चल रहे पंचकल्याणक के अंतिम दिन बृहस्पतिवार को उपाध्याय गुप्तिसागर महाराज के पावन सानिध्य में दिगंबर जैन ए फील्ड में मुनि सुव्रतनाथ भगवान की प्रतिमा स्थापित की गई। इस दौरान भव्य शोभायात्रा निकाली गई। कई स्थानों पर भगवान सुव्रतनाथ की आरती की गई।
शोभायात्रा दिगंबर जैन महाविद्यालय के ए फील्ड पंडाल से शुरू हुई। सबसे आगे धर्मध्वजा, ढोल ताशे, बैंडबाजे और हाथी बग्गी के साथ स्वर्ण रथ में श्रीजी विराजमान थे। शोभायात्रा भगवान महावीर मार्ग, संजय मूर्ति, नेहरू मूर्ति, नया बाजार एवं बडौली रोड से होती हुई दिल्ली रोड स्थित आचार्य श्री 108 धर्म सागर महाराज नसिया में नव निर्मित श्री 1008 मुनि सुव्रत नाथ जिन मंदिर पहुंची। यहां मंत्रोच्चारण के साथ वेदी में भगवान मुनि सुव्रत नाथ जी की प्रतिमा को स्थापित किया गया। वेदी पर प्रतिमा की स्थापना और मंदिर के शिखरों पर कलशारोहण व ध्वजारोहण अतुल जैन व अनुज जैन ने किया। रथ के सारथी प्रदीप जैन रहे। हाथियों पर इंद्र-इंद्राणी विराजमान थे। जगह-जगह सुव्रतनाथ भगवान की लोग आरती उतार रहे थे। इस अवसर पर पंकज, अजय, सुनील, अनिल, राकेश, अंकुर, कमल, राजकुमार, दिनेश, संदीप, सुखमाल चंद जैन, संदीप जैन आदि शामिल रहे। मीडिया प्रभारी आदिश जैन का विशेष सहयोग रहा।
स्वर्गीय हेमचंद जैन की स्मृति में किया गया मंदिर का निर्माण
बड़ौत। धर्मसागर महाराज नसिया जी के नवनिर्मित जिन मंदिर का निर्माण स्वर्गीय हेमचंद सराफ की स्मृति में किया गया है। इसमें उनके पुत्र अतुल जैन, अनुज जैन, पुत्रवधू अलका जैन, शालिनी जैन, हेमचंद जैन की पत्नी स्नेहलता जैन के अलावा अन्य परिजन आकांक्षा जैन, आस्था जैन, आयुष जैन, अंशिका जैन आदि का सराहनीय सहयोग रहा।