टटीरी रेलवे फाटक पर चलती ट्रेन से उतरते यात्री।
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अग्रवाल मंडी टटीरी के रेलवे फाटक के नजारे हर किसी को हैरान कर सकते हैं। स्टेशन पर पहुंचने से पहले ही यात्री यहां ट्रेन से छलांग लगाने लगते हैं। मौत को दावत देने वाली इन छलांग की वजह भी कोई बड़ी नहीं है। किसी को टिकट चेकिंग का डर, किसी को स्टेशन पर उतरकर मुख्य मार्ग पर वापस आने में लगने वाले समय की चिंता तो किसी को घर पहुंचने की जल्दी।
दिल्ली-सहारनपुर रेल मार्ग पर बीस ट्रेनों का संचालन होता है। आए दिन रेलमार्ग पर हादसे होते हैं। खेकड़ा से लेकर बड़ौत तक ट्रेन में सवार होने और उतरने के दौरान कई बार यात्रियों की जान जा चुकी है। रविवार को अग्रवाल मंडी टटीरी में जानलेवा जोखिम का नजारा दिखहा। टटीरी रेलवे फाटक से बागपत रोड स्टेशन की दूरी करीब दो सौ मीटर है।
दिल्ली की ओर से आने वाली ट्रेनों में बागपत रोड स्टेशन उतरने वाले अधिकतर यात्री फाटक पर ट्रेन के धीमी होते ही डिब्बों से कूदने शुरू हो जाते हैं। इनमें अधिकतर रेलवे फाटक पर कूदते हैं।
इसकी वजह है कि बागपत रोड स्टेशन से वापस मुख्य मार्ग पर आने में लगने वाले समय को बचाना। इसके अलावा टिकट चेकिंग से बचना। इस जल्दी में लोग मौत को दावत दे रहे हैं। रेलवे प्रशासन की अनदेखी के चलते कुछ यात्री पायदान पर खड़े होकर और कुछ ट्रेन की छत पर सफर करते हैं।
हादसों के बाद भी नहीं ले रहे सबक
एक माह पूर्व ही कांधला के एक ट्रेन यात्री की पायदान से पैर फिसलने से मौत हो गई थी। इससे पहले कई यात्रियों की जान जा चुकी है और कई दिव्यांग हो चुके है।
क्या कहती है जीआरपी
बड़ौत थाने के जीआरपी इंचार्ज सुखपाल सिंह का कहना है कि समय-समय पर अभियान चलाकर ट्रेन की छतों पर सफर करने वाले और चलती ट्रेन से कूदने वाले यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। जल्द ही फिर से यह कार्रवाई की जाएगी।