कैंटीन में ताला लगाकर कार्य करते अधिकारी व कर्मचारी।
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जीएसटी लागू होने के बाद अभी तक नए सामान की रेट लिस्ट जारी नहीं हुई है। इस कारण राज्य सरकार की कैंटीनों पर ताले लटक गए हैं। विभागों के अफसरों के साथ-साथ कर्मचारियों को भी सामान नहीं मिल रहा है। शासन से मिलने वाली छूट का इंतजार किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण निगम कैंटीन के प्रबंधक सूरजपाल सिंह ने बताया जीएसटी से कैंटीन के सामान पर भी असर पड़ा है। विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को सामान खरीदने में परेशानी हो रही है। रेट और छूट की जानकारी नहीं है, इस कारण कैंटीन पर ताला लटक रहा है। शासन से छूट की सूची मिलने के बाद ही सामान बेचा जाएगा।
कैंटीन से सामान खरीदने वाले कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विकास भवन कैंटीन के लिपिक सोमदत्त शर्मा ने कहा जो सामान जीएसटी के दायरे में है। वहीं सामान कैंटीन से कम दाम पर विभिन्न महकमे के अफसर और कर्मचारियों को दिया जाता है। किस वस्तु पर कितना जीएसटी लगा है और कर्मचारियों को उस सामान को किस दाम में देना है, इसकी जानकारी अभी नहीं मिली है।
शासन से जो भी आदेश मिलेगा, इसके बाद ही सामान बेचा जाएगा। अभी कोई काम नहीं किया जा रहा है। बागपत तहसील कैंटीन के लिपिक जनेश्वर सिंह ने कहा एक जुलाई से सामान नहीं बेचा जा रहा है। सस्ते और महंगे हुए है सामानों पर जीएसटी कितना लगा है और सरकारी कैंटीन से क्या छूट मिलती इसकी जानकारी नहीं है, क्योंकि सरकार द्वारा सामानों पर छूट निर्धारित की जाती है। नये रेट और छूट की लिस्ट उन्हें मिलेगी, तभी कैंटीन में सामान बेचने का कार्य शुरू किया जाएगा।