बड़ौत में निजीकरण के विरोध में बैंकों की हड़ताल के दूसरे दिन धरने पर बैठे बैंककर्मी व अधिकारी।
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- विभिन्न मांगों को लेकर बैंक अधिकारी और कर्मचारी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी दूसरे दिन भी निजीकरण के विरोध और अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांगों को पूरा करने की आवाज बुलंद की। उधर, बैंकों की हड़ताल के चलते मंगलवार को भी उपभोक्ताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दो दिन में इस हड़ताल जिले में करीब 120 करोड़ का लेनदेन प्रभावित रहा।
यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर अधिकारियों व कर्मचारियों ने मंगलवार को भी हड़ताल रखी। मेरठ रोड स्थित केनरा बैंक की शाखा के बाहर प्रदर्शन कर उन्होंने निजीकरण का विरोध, 20 प्रतिशत वेतन वृद्धि, पांच दिवसीय बैंकिग, नई पेंशन योजना को खत्म करने समेत अन्य मांग उठाई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग शीघ्र पूरी नहीं की गई तो वह अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। दो दिन की हड़ताल में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, कैनरा बैंक, यूनियन बैंक, पंजाब एंड सिंघ बैंक के कर्मचारी व अधिकारी शामिल रहे। हड़ताल के चलते ग्राहकों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। ग्राहक जब बैंकों में लेनदेन करने पहुंचे तो वहां ताला लटका मिला। इसके चलते उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। बुधवार से बैंकों में कामकाज शुरू हो जाएगा।
120 करोड़ का लेनदेन रहा प्रभावित
एलडीएम प्रदीप थोराट ने बताया कि दो दिन की हड़ताल में जिले के सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों में करीब 120 करोड़ का लेनदेन प्रभावित रहा। जनपद में प्रतिदिन करीब 60 करोड़ का लेनदेन होता है। बुधवार को बैंक खुलेंगे।