बड़ौत। पुष्टाहार वितरण में भ्रष्टाचार रोकने के लिए सरकार अब आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं की सूची ऑनलाइन करने का फैसला किया है। जन सेवा केंद्रों के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका इस काम में जुटी हुई हैं। कुछ दिनों में पूरा डाटा ऑनलाइन हो जाएगा। भविष्य में इसी डाटा से पुष्टाहार का सीधे भुगतान लाभार्थी के खाते में भेजने की तैयारी हो रही है।
तहसील क्षेत्र में 761 आंगनबाड़ी केंद्र पंजीकृत हैं। इसमें शून्य से छह साल तक के करीब साढ़े बच्चे पंजीकृत हैं। 16 से 17 हजार के करीब गर्भवती महिलाएं भी हैं। अब तक आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभार्थियों को पुष्टाहार वितरण में बड़े स्तर पर घपला होने की खबरें आती रही है। फर्जी नामों से पुष्टाहार वितरण कर दिया जाता था। ऐसे में सरकार ने अब इन सभी लाभार्थियों का डाटा ऑनलाइन करने का फैसला लिया है। इसमें आधार कार्ड, राशन कार्ड को भी अपलोड किया जा रहा है। डाटा फीडिंग होने के बाद मांग के अनुसार ही शासन से पुष्टाहार भेजा जाएगा। सभी परियोजनाओं को हाइटेक किया जाएगा। जन सेवा केंद्र के माध्यम से डाटा ऑनलाइन होगा। इस संबंध में जब सीडीपीओ सारधा ने बताया कि जन सेवा केंद्रों के माध्यम से सभी लाभार्थियों का डाटा ऑनलाइन हो रहा है।