बागपत में तीन दिन पहले कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया और सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. राम गोपाल यादव ने जिला कारागार का उद्घाटन तो कर दिया, लेकिन यहां पर बीमार बंदियों के इलाज के इंतजाम पुख्ता नहीं किए। नतीजा यह हुआ है कि जेल में सजायाफ्ता की उपचार के अभाव में बुधवार को मौत हो गई।
खेकड़ा क्षेत्र के गांव अब्दुलपुर में 12 साल बाद जेल का 16 मई को उद्घाटन हुआ । जेल के निर्माण में करीब 29 करोड़ रुपये की लागत आई। उद्घाटन के समय जेल मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया और सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने जेल में बंदियों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया था, लेकिन तीसरे दिन की जेल की सुविधाओं की पोल खुल गई।
मेरठ जेल से शिफ्ट हुए सजायाफ्ता जसवीर की बुधवार सुबह करीब 11 बजे अचानक हालत बिगड़ गई थी। साथी बंदियों ने इसकी जानकारी पुलिसकर्मियों को दी। पुलिस वालों ने उसे जेल में बने अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। वहां से उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर किया, लेकिन वहां पर भी उसे पर्याप्त इलाज नहीं मिला। वहां से फिर उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया।
जब तक पुलिसकर्मी उसे मेरठ लेकर पहुंचे। उसकी हालत काफी बिगड़ चुकी थी। बाद में अस्पताल के चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पीड़ित परिवार ने कहा उपचार के अभाव में जसवीर की जान गई है। जेल अस्पताल में उसे समय से उपचार मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी।
उधर जेल अस्पताल में तैनात फार्मेसिस्ट जी. डी. मेहता ने कहा जसवीर को अस्पताल में उपचार दिया गया था। हालत में सुधार नहीं होने पर वे खुद उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जेलर बीएल मिश्रा ने कहा जसवीर के उपचार में कोई कमी नहीं रही है। जेल में बंदियों को सभी सुविधाएं दी जा रही है।
जेल में गाड़ी तक की सुविधा नहीं
बागपत। बीमार होने पर सजायाफ्ता जसवीर को पुलिसकर्मी निजी कार से लेकर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां से रेफर होने पर उसे एंबुलेंस से मेरठ ले जाया गया था।