बिजरौल के रास्ते बड़ौत की ओर प्रस्थान करते जैनाचार्य।
- फोटो : BARAUT
बिजरौल गांव से सात किलोमीटर पैदल विहार कर नगर पधारे जैनाचार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। बिजरौल गांव से सात किलोमीटर पैदल विहार कर नगर पहुंचे जैनाचार्यों का श्रद्धालुओं ने जैन स्थानक मंडी में जोरदार स्वागत किया। इस दौरान धर्मसभा में जैनाचार्य आशीष मुनि ने कहा कि मनुष्य को अपनी इच्छाओं और अपने अहंकार पर नियंत्रण करना चाहिए, तभी मुक्ति संभव है।
उत्तर भारतीय प्रवर्तक तपस्वी आशीष मुनि और उत्तम मुनि महाराज का शनिवार को नगर पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। दोनों जैनाचार्य बिजरौल गांव से सात किलोमीटर का पैदल विहार करते हुए नगर पहुंचे, मंडी जैन समाज के लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया गया। आशीष मुनि ने बताया कि मनुष्य को अपनी इच्छाओं और अपने अहंकार पर नियंत्रण किये बिना शांति नहीं मिल सकती। अगर हमें शांति चाहिए और जीवन में बढ़ रहे तनाव को दूर करना है तो अपने अहंकार के साथ साथ अपनी इच्छाओं को भी नियंत्रित करना पड़ेगा। अपनी इच्छा और अहंकार को नियंत्रित करना धर्म ध्यान से ही संभव होगा। इसलिए हम सभी को अपने जीवन में धर्म को पहला स्थान देना है। इस दौरान विहार में मुनि के साथ कमल जैन, अनुज जैन, नवीन जैन, प्रधान शिखरचंद जैन, पारस जैन, मनोज जैन, पवन जैन, राकेश जैन आदि शामिल रहे।