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Baghpat News: लेखपालों ने छोड़े सरकारी ग्रुप, ऑनलाइन काम भी बंद किया

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बड़ौत। पदोन्नति और पेट्रोल खर्च समेत अन्य मांगों को लेकर जिले की तीनों तहसीलों के लेखपालों ने बृहस्पतिवार रात सरकारी ग्रुप छोड़ने के साथ ऑनलाइन काम भी बंद कर दिया। इससे प्रमाणपत्रों और जमीन संबंधी राजस्व कार्यों पर असर पड़ा है।
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जिले में कुल 130 राजस्व हलके हैं। लेखपालों ने 22 सितंबर को 54 अतिरिक्त हलकों का काम छोड़ दिया था। अब 76 मूल हलकों में भी ऑनलाइन काम बंद कर दिया है। लेखपालों की रिपोर्ट नहीं लगने से आय, जाति, निवास समेत विभिन्न प्रमाणपत्रों के करीब 4500 आवेदन लंबित हैं। इसके अलावा 150 वारिसान के मामले और नाली-चकरोड व जमीनों की 200 जगहों पर पैमाइश रुकी हुई है।

इन गांवों में ज्यादा असर
बड़ौत तहसील : कुड़ी, जोनमाना, ढिकाना, किरठल, अकबरपुर ठसका, बावली, सूप, सोंटी, रुस्तमपुर, कोताना, असारा, बिनौली, पिचौकरा, दादरी, दौघट, जोहड़ी, तिलवाड़ा, बामनौली, पुसार और कंडेरा समेत कई गांव।
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खेकड़ा तहसील: ललियाना, मंसूरपुर, खेला, सुभानपुर, अब्दुलपुर, बड़ा गांव, रटौल, शेखपुरी, सैदपुर कलां, महरमपुर, मुबारिकपुर, खेकड़ा, डगरपुर, भागोट, विनयपुर, नूरपुर खालसा, सिकंदरपुर और तिगरी समेत कई गांव।

बागपत तहसील: फतेहपुर पुट्ठी, बाढ़ी नंगला, दोझा, फैजपुर निनाना, धनौरा सिल्वरनगर, ग्वालीखेड़ा, ट्योढ़ी, शिकोहपुर, खेड़की, बाखरपुर बालैनी, खट्टा प्रहलादपुर, बसा टीकरी, सिसाना, अमीनगर सराय, निबाली, मितली, गौरीपुर हबीबपुर, हसनपुर जखेड़ा, फतेहपुर, गौसपुर, सुजरा, क्यामपुर और अहमदपुर गठीना समेत कई गांव।

वर्जन
अतिरिक्त हलकों का कार्यभार छोड़ने का निर्णय प्रदेशभर में लिया गया है। लेखपाल लंबे समय से अतिरिक्त हलकों का काम कर रहे थे। पदोन्नति और अन्य मांगों को शासन स्तर पर भी उठाया गया है।
-मोहित तोमर, जिलाध्यक्ष उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ बागपत
लेखपालों ने सरकारी ग्रुप छोड़ दिए हैं। सरकारी ग्रुप व अतिरिक्त हलके छोड़ने की वजह से आय, जाति, मूल निवास प्रमाणपत्र बनने में समस्या हो रही है। प्रदेश स्तर पर यह आंदोलन किया जा रहा है।
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-बालकृष्ण सिंह, एसडीएम
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