पानी को तरस रही यमुना नदी में रविवार को पानी आया तो हर किसी के चेहरे खिल उठे। महिला-पुरूष और बच्चे यमुना दिखने के लिए उमड़ पड़े। इस दौरान काफी लोगों ने तो यमुना में स्नान किया।
यमुना में हथिनी कुंड बैराज से अधिकतम 35976 क्यूसैक पानी छोड़ा गया है। यह सिलसिला अभी जारी है। इसको देखकर प्रशासन ने अलर्ट घोषित कर दिया है। हालांकि अभी बाढ़ जैसी कोई हालत नहीं है।
पहाड़ों पर हो रही बारिश के बाद बड़े स्तर से यमुना नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। पिछले दो दिन में हथिनी कुंड बैराज से अधिकतम 35976 क्यूसैक पानी छोड़ा गया। जो रविवार को बागपत में पहुंच गया। यमुना का धीरे-धीरे जलस्तर बढ़ रहा है।
इसको लेकर प्रशासन काफी अलर्ट है। कब कितना पानी छोड़ा जा रहा है। इसकी पूरा लेखा-जोखा तैयार किया जा रहा है। यमुना किनारे बसे गांवों में मुनादी कराई जा रही है कि कोई भी यमुना में प्रवेश न करें। कभी भी बढ़ी मात्रा में पानी आ सकता है।
जरा सी लापरवाही से बड़ा हादसा हो सकता है। उधर यमुना में पानी आने से लोगों के चेहरे खिल गए हैं। महिला, पुरुष और बच्चे पानी देखने के लिए यमुना घाट पर पहुंच गए। कुछ ने तो यमुना में स्नान भी किया।
सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण अधिकारी ने बताया अभी यमुना में बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। हथनी कुंड बैराज से पानी आने के चलते गांवों के लोगों को सतर्क कर दिया गया है, पानी लगातार छोड़ा जा रहा है। लोगों का कहना है कि बारिश होने के कारण बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है।
इसे देखकर हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में पानी छोड़ दिया जाता है। किसी को पूरे साल यमुना की याद नहीं आती है। मंत्री, सांसद और विधायकों से खूब गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन यमुना नदी के पानी पर किसी का कोई ध्यान नहीं है।
गाजियाबाद से पूजा अर्चना करने आया परिवार
बागपत। गाधी गांव निवासी कपिल दीक्षित ने बताया उनका परिवार पिछले काफी समय से गाजियाबाद में रहता है। वह अपने परिवार सहित रविवार को यमुना में पूजा अर्चना करने के आया था। उसने विधि विधान से यमुना में पूजा अर्चना की।