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बोले व्यापारी, थोड़ी परेशानी फिर होगी आसानी

Mon, 03 Jul 2017 12:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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जीएसटी लागू होने के बाद बागपत में साड़ी खरीदतीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जीएसटी की नियमावली से व्यापारी अनभिज्ञ हैं। सामान बेचने की प्रक्रिया भी अभी समझ से दूर है। फिर भी जीएसटी को व्यापार और आम जनों के हित में बताया जा रहा है। दुकानदारों का कहना है कि ऐसे हालात में ऊहापोह की स्थिति बरकरार है। 
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कपड़ा व्यापारी प्रेम गुलयानी ने कहा जीएसटी अभी समझ से दूर है। इसके लिए थोड़ा समय लगेगा, उसके बाद सब कुछ ठीक हो जाएगा। पूरी जानकारी होने पर कोई परेशानी नहीं आएगी। हां, कपड़े को इससे बाहर रखना चाहिए था।

आनंद प्रकाश जैन ने कहा ईमानदारी से काम करने पर कोई दिक्कत नहीं होगी। हर किसी को इसमें सहयोग करना चाहिए। सर्राफ व्यापारी कमल वर्मा ने कहा जो गलत कार्य करते थे, उनको जीएसटी से सबसे ज्यादा दिक्कत पहुंचेगी। इससे व्यापार पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। जिस तरह पहले काम कर रहे थे, वैसे ही करते रहेंगे। रमेश वर्मा का कहना है कि कोई परेशानी नहीं होगी।
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थोड़ा बहुत ही व्यापार पर फर्क पड़ेगा, बाद में सब कुछ ठीक हो जाएगा। इससे जीएसटी से सरकार के साथ-साथ आम जन और व्यापारियों को लाभ मिलेगा। रिम और धुरा निर्माता ओमप्रकाश जैन ने कहा जीएसटी से व्यापार ठप हो गया है। अभी भी शंका दूर नहीं हो रही है कि टैक्स 12 प्रतिशत लगेगा या 28 प्रतिशत। इसके लिए आंदोलन करेंगे और काम बंद किया जाएगा। 

कपड़ा मिलों पर ही लगाई जाए जीएसटी ः अग्रवाल मंडी टटीरी। कस्बे में कपड़ा व्यापारियों की बैठक हुई, जिसको संबोधित करते हुए कपड़ा व्यापारी अभिमन्यु गुप्ता ने कहा जीएसटी से व्यापारियों को परेशानी होगी।

1956 से आज तक कपड़े के व्यवसाय को करो से अलग रखा गया है, लेकिन अब सरकार ने इसे भी जीएसटी के दायरे में लाकर व्यापारियों के सामने परेशानी खड़ी कर दी है। उन्होंने कहा कि कपड़ा मिलों पर ही टैक्स लगाया जाए। इससे सरकार की आय भी बढ़ेगी और व्यापारी को लाभ पहुंचेगा। रामोतार गोयल और दिनेश मित्तल ने भी विचार रखे।

एसडीएम बागपत जीएसटी के नोडल अफसर
जीएसटी की शंकाओं में व्यापारी अभी भी घिरे हैं। कौन सा सामान सस्ता होगा और कौन सा महंगा स्थिति साफ नहीं हो रही है। व्यापारियों को उलझनों से निकालने के लिए डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने सदर एसडीएम को जीएसटी का नोडल अधिकारी बना दिया है। व्यापारियों की समस्याओं का समाधान अब एसडीएम कराएंगे।

वस्तु एवं सेवा कर यानि जीएसटी को लेकर व्यापारियों के बीच ऊहापोह की स्थिति अभी बनी हुई है। शंकाओं में व्यापारी वर्ग घिरा है। वाणिज्य कर कार्यालय के अफसर मेले के माध्यम से भी जानकारी दे चुके हैं और व्यापारियों के हर सवार का जवाब दिया जा रहा है, लेकिन अभी उलझने बरकरार हैं।

व्यापारियों को इसी उलझनों से निकालने के डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने एसडीएम सदर विवेक कुमार यादव को नोडल अधिकारी बनाया। कभी भी जीएसटी के संबंध में व्यापारी कॉल कर शंकाओं को दूर कर सकते हैं।  

डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने कहा सदर एसडीएम व्यापारियों को जीएसटी से व्यापार में आई बाधा को दूर करेंगे। उनके सीयूजी नंबर पर हर दुकानदार को उपलब्ध करा दिया जाएगा। 

इस नंबर पर व्यापारी कर सकते हंैं कॉल
जीएसटी की बाधाओं को दूर करने के लिए डीएम ने  सदर एसडीएम विवेक कुमार यादव के मोबाइल नंबर 9454416713 को जारी कर दिया है। इससे व्यापारियों की समस्याओं का समाधान होगा। 
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