लैपटॉप मिलते ही खिल उठे मेधावी
लैपटॉप वितरण कार्यक्रम में बोले, डीएम लैपटॉप को बनाएं ज्ञान का खजाना
बागपत। सम्राट पृथ्वीराज चौहान डिग्री कॉलेज में बुधवार को वर्ष 2014 के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 405 मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप वितरित किए गए। इस मौके पर डीएम हृदय शंकर तिवारी ने कहा कि लैपटॉप को ज्ञान का खजाना बनाएं। इसका सदुपयोग करें और अपने भविष्य के निर्माण में इसका लाभ लें।
कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम ने किया। सरस्वती वंदना और स्वागत हुआ। डीएम ने कहा कि नई-नई तकनीक सीखने का दौर है। इंटरनेट के माध्यम से लैपटॉप पर मेधावी घर बैठे ही ज्ञान का खजाना हासिल कर सकते हैं। लेकिन, इसे केवल मनोरंजन के तौर पर इस्तेमाल न करें, बल्कि ज्ञान हासिल करें। सीडीओ जेपी रस्तोगी ने कहा कि सरकार ने युवाओं के लिए यह बेहद सराहनीय पहल की है।
संचालन सम्राट पृथ्वीराज चौहान डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिल चौहान ने किया। डीआईओएस पीके मिश्रा ने बताया कि समारोह में 405 मेधावियों को लैपटॉप दिए गए हैं। समारोह में नहीं पहुंचने वाले पात्र 41 मेधावियों के लैपटॉप तहसील बागपत में सुरक्षित रखवा दिए गए हैं। बीएसए डॉ. एमपी वर्मा, परियोजना निदेशक, डॉ. रेखा सिंह, संजीव कुमार, प्रदीप चौहान, प्रीति शर्मा, हुकुम सिंह, जेपी रूहेला, बीडीओ कृपाल सिंह और सीओ राजबीर सिंह मौजूद रहे।
फिर मिलेंगे लैपटॉप
डीआईओएस पीके मिश्रा ने कहा कि वर्ष 2015 के मेधावियों को भी लैपटॉप वितरित किए जाएंगे। अगले महीने इसके लिए कार्यक्रम का आयोजन होगा। इसकी तैयारियां की जा रही है।
अभिभावक भी पहुंचे
सम्राट पृथ्वीराज चौहान डिग्री कॉलेज के बाहर सैकड़ों अभिभावक मौजूद रहे। यहां सुबह आठ बजे से ही मेधावी पहुंचने शुरू हो गए थे। दोपहर करीब सवा बजे तक कार्यक्रम चला।
बहू ने सास को थमाया लैपटॉप
समारोह में कई दिलचस्प नजारे भी देखने को मिले। दोघट से यहां पहुंची मेधावी अंशु चिकारा समापन के बाद हॉल से बाहर निकली और सीधे अपनी सास वीरेंद्री देवी के पास पहुंची। अपनी सास के हाथ में लैपटॉप थमाया। सास-बहू की खुशी देखने लायक थी।
लैपटॉप को बनाएगा रोजगार
किरठल गांव से लैपटॉप लेने पहुंचे ऋषभ जैन का कहना है कि वह इसे अपने रोजगार का माध्यम बनाएगा। उसे लैपटॉप की बेहद जरूरत थी।
एग्जाम वालों को पहले भेजा
कई ऐसे युवा भी लैपटॉप लेने पहुंच गए, जिनका दोपहर एक बजे से डिग्री कॉलेज में एग्जाम था। कार्यक्रम में देरी के कारण मेधावी टेंशन में थे, जबकि अभिभावकों ने विरोध जताया। इसके बाद ऐसे बच्चों को लैपटॉप पहले ही वितरित कर यहां से रवाना कर दिया गया। भाकियू नेता राजेंद्र सिंह का कहना था कि कार्यक्रम की सूचना आठ बजे की दी गई थी, लेकिन दोपहर 12 बजे के बाद ही लैपटॉप दिए गए हैं।
खूब चला सेल्फी का दौर
खुशी का आलम यह था कि युवाओं ने हाथ में लैपटॉप आते ही सेल्फी लेना शुरू कर दिया। इसके बाद फोटो सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हुए।