बागपत। अग्रवाल मंडी टटीरी में इकनोमिक कॉरिडोर के पास आवासीय कॉलोनी के लिए किसान जमीन देने के लिए तैयार हो गए हैं। पहले वे जमीन देने से मना करने लगे थे, मगर अब 35 करोड़ रुपये की स्वीकृति व सर्किल रेट बढ़ने पर जमीन देने को तैयार हैं। इस तरह आवासीय कॉलोनी विकसित करने में अब कोई समस्या नहीं है।
बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण का गठन हुए 16 साल बीत चुके हैं लेकिन यहां प्राधिकरण की तरफ से एक भी योजना तैयार नहीं की गई। विकास प्राधिकरण केवल नक्शे पास करने तक ही सीमित है। प्राधिकरण के कोई काॅलोनी विकसित नहीं करने के कारण अवैध काॅलोनियां कट रही हैं और उनमें मजबूरन लोग प्लॉट खरीद रहे हैं।
इसको देखते हुए ही बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण ने आवासीय कॉलोनी विकसित करने की योजना तैयार की। इसके लिए मेरठ में कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रस्ताव रखा गया तो वहां से मंजूरी मिल गई। प्राधिकरण ने कॉलोनी विकसित करने के लिए कई जगह जमीन देखी मगर पहले जमीन नहीं मिली।
अधिकारियों को काफी प्रयास के बाद इकनोमिक कॉरिडोर के पास जमीन मिली जो कॉरिडोर के मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे पर बनाए जाने वाले गोल चक्कर के पास है। यह 8.47 हेक्टेयर जमीन है, जिस पर कॉलोनी विकसित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया, मगर इस जमीन के नौ खसरा नंबर में 45 किसानों में पहले केवल 25 के सहमति पत्र मिल थे। अब अन्य किसान भी जमीन देने के लिए तैयार हो गए हैं।
आवासीय कॉलोनी विकसित करने की प्रक्रिया चल रही है। शासन से 35 करोड़ रुपये की स्वीकृति होने और सर्किल रेट बढ़ने के बाद सभी किसान जमीन देने को तैयार हैं। किसी तरह की कोई समस्या नहीं है और शासन से रुपये मिलते ही आगे की प्रक्रिया की जाएगी। -अस्मिता लाल, डीएम