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अपने ही घर में मिल गई नई जिंदगी

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मदन बालियान
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बागपत। मौत को मात देकर जिंदगी पाने की खुशियां देखनी है तो सरूरपुर कलां के कपिल नैन के घर देखिए। जिंदगी फिर उड़ान भरने लगी है। बुरे दिन जैसे बीत गए। लाड़ला अब ठीक है। अछूत सी बन गई घर के सामने वाली गली में अब फिर आवाजाही होने लगी है। पड़ोसियों को सब ठीक होने का भरोसा जगने लगा है।
दुबई से लौटे कपिल नैन के भाई सचिन नैन ने बताया कि जो हम पर बीती, वह हम ही जानते हैं। कोरोना का अंदेशा होने पर हम खुद जिला अस्पताल में टेस्ट कराने पहुंचे थे, कपिल को क्वारंटीन कर लिया गया। उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो सफदरजंग भेज दिया गया। परिवार के 11 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आने पर उन्हें घर भेज दिया गया था। होम क्वारंटीन के 15 दिन कैसे बीते, बस वही जानते हैं। अच्छे पड़ोसियों ने मदद की और बुरा वक्त गुजर गया। घर का सबसे लाडला बेटा जिंदगी और मौत के बीच अस्पताल के वार्ड में था और पूरा परिवार बेबस था। सुबह-शाम बस दुआएं करते। वीडियो कॉल का सहारा था। ताई सुशीला देवी पूरे परिवार को समझाकर और हिम्मत बंधाती रहती थी। वह कहती हैं कि ईश्वर पर पूरा भरोसा था, कपिल ने कभी किसी का दिल नहीं दुखाया। मां सुनीता कहती हैं कि वीडियो कॉल से दिल कहां भरता था। जैसे ही कपिल के ठीक होने का समाचार मिला तो जैसे जिंदगी दोबारा मिल गई। वे बेहद खुश हैं।
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थैंक्यू... अमर उजाला
बागपत। सचिन नैन ने बताया कि अमर उजाला में हेल्पलाइन नंबर पढ़कर सीएमओ को कॉल की। इसके बाद ही कपिल का टेस्ट कराया गया। रविवार के अंक में अमर उजाला ने कोरोना फाइटर्स कॉलम में कपिल की कोरोना पर विजय का समाचार प्रकाशित किया। हमारे लिए यह टॉनिक जैसा है।
मॉस्क बनाने में जुटी ताई
बागपत। कपिल नैन की ताई सुशीला देवी कहती है कि परिवार के सदस्यों के लिए मॉस्क बनाएंगी। कोरोना से लड़ाई बड़ी है, सबको मिलकर ही लडना होगा। लेकिन डरने और डराने जैसा माहौल पैदा किसी को नहीं करना चाहिए।
देर रात घर लौटा कपिल नैन
बागपत। कोरोना संक्रमण पर विजय हासिल कर कपिल नैन रविवार रात घर लौट आया। नैन परिवार के लिए दिवाली जैसा माहौल रहा। मां सुनीता देवी, ताई सुशीला देवी और भाई सचिन कुमार समेत पूरा परिवार गदगद है। सचिन नैन ने बताया कि कपिल को दोपहर बाद सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी मिल गई, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने एंबुलेंस भेजी। इस एंबुलेंस से कपिल नैन रात के समय घर लौट आया है। पूरा परिवार बेहद खुश है। पूरा देश कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है, ऐसे में कुछ दिक्कत स्वाभाविक हैं, लेकिन इन्हें नजरअंदाज किया जाना चाहिए। हम देश के साथ हैं। हमारे परिवार से अगर कुछ सहयोग की जरूरत पड़ेगी तो हम साथ रहेंगे।
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सरूरपुर में जागरूकता फैला रहा सुभाष नैन
बागपत। किसान सुभाष नैन अपने गांव सरूरपुर में लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक कर रहा है। सुभाष रोजाना घर-घर जाकर जागरूकता का संदेश दे रहा हैं।
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