झगड़े में घायल कृष्णपाल की मौत, हाईवे पर शव रखकर हंगामा
ग्रामीणों ने दस लाख मुआवजा और आरोपियों पर रासुका की मांग की, अधिकारियों ने किसी तरह समझाकर किया शांत
25 सितंबर की रात काठा गांव में हुआ था झगड़ा
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अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। काठा गांव के झगड़े में घायल हुए कृष्णपाल की दिल्ली मेें उपचार के दौरान मौत हो गई। मुआवजा और आरोपियों पर रासुका की मांग करते हुए पीड़ित पक्ष ने शव को काठा गांव में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर रखकर दो घंटे हंगामा किया। एसडीएम खेकड़ा और सीओ सदर ने किसी तरह ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो एसपी ऑफिस का घेराव करेंगे।
कोतवाली क्षेत्र के काठा गांव में 25 सितंबर को कृष्णपाल कश्यप ने शराब पीकर हंगामा करने पर गांव के ही कालू का विरोध किया था। इसके बाद रात के समय कालू पक्ष के लोगों ने कृष्णपाल के घर पर हमला कर कृष्णपाल, उसके बेटे मोहित, भतीजे विक्की और भाई सतपाल को घायल कर दिया था। कृष्णपाल को गंभीर चोट लग गई थी, जिस कारण उसे दिल्ली रेफर किया गया था। बुधवार को कृष्णपाल कश्यप की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव को दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर रख दिया और अंतिम संस्कार से इंकार कर दिया।
ग्रामीणों का कहना था कि उच्च अधिकारी मौके पर आएं और आरोपियों पर रासुका की कार्रवाई हो। सूचना पर एसडीएम खेकड़ा अजय कुमार, सीओ सदर ओमपाल सिंह, तहसीलदार खेकड़ा यदुवंश सिंह, इंस्पेक्टर बागपत नोविंद्र सिंह सिरोही मौके पर पहुंचे। एसडीएम और सीओ ने ग्रामीणों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। मुआवजे का आश्वासन भी दिया। इस पर ग्रामीण माने और दो घंटे बाद अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान संजय कश्यप, श्याम सिंह, देवेंद्र कश्यप आदि मौजूद रहे।