वाइल्ड आई इंडिया दिल्ली व वन विभाग के कर्मचारियों ने दो दिन पूर्व वन्य जीवों के प्रतिबंधित अंगों को बरामद करते हुए तीन लोगों को हिरासत में लिया था। रविवार को कोतवाली पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
पकड़े गए आरोपियों में नवीन पुत्र खैराती व उसका बेटा तुषार और वीरेन्द्र पुत्र सुखपाल शामिल थे। वन विभाग की टीम ने नवीन के पास से गोह के जननंगा, शेह के कांटे, पूठ संरक्षित पौधे की जड़ व वीरेंद्र के पास से तिब्ब्ती मृग के सीगों से बनी भस्म, हाथी के दांतों का बुरादा, हाथी के दांतों के टुकडे़, पूठ संरक्षित पौधे की जड़ बरामद की गई। शनिवार को वन रक्षक संजय कुमार ने पकड़े गए तीनों आरोपियों के खिलाफ वन्य जीवन संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39, 39डी, 42, 44, 49, 49बी, 50 व 51 के अंर्तगत गैर जमानती अपराध की धाराओं में तहरीर देते हुए मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की मांग की। रविवार को वन रक्षक संजय कुमार की तहरीर पर इन धाराओं में मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
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गोपनीय रूप से नगर में छापेमारी कर रही वन विभाग की टीम
पहले शामली व उसके बाद बड़ौत में प्रतिबंधित वन्य जीवों के अवशेष पाए जाने का मामला लखनऊ तक गूंज उठा है। फिलहाल वन विभाग की टीम नगर में गोपनीय रूप से छापेमारी कर रही है, उम्मीद है कि अभी नगर में कई ओर दुकानदार प्रतिबंधित वन्य जीवों के अवशेषों से भस्म, जडी-बुटी तैयार कर लोगों को बेच रहे हैं। वन दरोगा रविकांत चौधरी ने बताया कि विभाग गोपनीय रूप से कार्य कर रहा है।
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