बड़ौत। नोट पर लगे प्रतिबंध के बीच एक दिन की छुट्टी के बाद जैसे ही बैंक खुले, वहां पर पैसे बदलवाने को लेकर ग्राहकों की लंबी लाइनें लग गई। इस दौरान सर्वर फेल होने से ग्राहकों के साथ भारी समस्या उत्पन्न हो गई। ऊपर से जब सर्वर चला तो बैंकों में पैसे खत्म हो गए। इसे लेकर ग्राहकों में जमकर हंगामा भी किया। गांधी रोड और बिनौली रोड स्थित सिंडिकेट बैंक के अलावा कोताना गांव के भारतीय स्टेट बैंक में पैसे न मिलने पर ग्राहकों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस से भी नोंकझोंक हुई। कोताना गांव के स्टेट बैंक में तो आक्रोशित ग्राहकों ने बैंक के गेट का शीशा ही तोड़ दिया। पुलिस ने लाठियां फटकारकर लोगों को भगाया। इससे लोगों में आक्रोश है।
एक दिन छुट्टी के बाद जब मंगलवार को बैंक खुले तो नगर के साथ-साथ ग्रामीण आंचल के बैंकों में सुबह से ही सौ, पचास के नोट न होने के कारण लोगों की भीड़ केवल इंतजार में खड़ी रही, लेकिन उनकी उम्मीद पर बैक का खजाना खरा साबित नहीं हो सका। सारे दिन बैंकों में हाय तौबा की स्थिति बनी रही। कहीं पर नोट नहीं थे, तो कहीं पर सर्वर का रोना।
इस दौरान कई बैंकों मेें तो पैसे न होने से लोगों की बैंक कर्मचारियों से झड़प भी हुई। हालत इतनी खराब थी कि कई-कई दिन तक लाइन में लगे रहने के बाद भी कई लोगों को पैसा तक नसीब नहीं हुआ।
गांधी रोड और बिनौली रोड पर स्थित सिंडिकेट बैंक के अलावा कोताना गांव के भारतीय स्टेट बैंक में पैसे न मिलने पर ग्राहकों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस से भी नोंकझोंक हुई। कोताना गांव के स्टेट बैंक में तो आक्रोशित ग्राहकों ने बैंक के गेट का शीशा ही तोड़ दिया। कोताना गांव के लोगों का आरोप था कि एक बजे बैंक मेें कैशियर पहुंचा। इस कारण पैसा नहीं मिला। ग्राहकों ने बैंक कर्मचारियों पर व्यापारियों और बडे़ लोगों को चोरी-छिपे पैसे देने का भी आरोप लगाया।
बैंक के मैनेजर हरीश कुमार से अधिक लोगों को पैसे देने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ लोगों ने माहौल खराब करने के लिए बैंक मेें लगे गेट का ही शीशा तोड़ दिया। पुलिस को इसकी सूचना दे दी। वहीं गांधी रोड और बिनौली रोड स्थित सिंडिकेट बैंक में पैसे न मिलने से क्षुब्ध ग्राहकों ने हंगामा किया। मुख्य डाकघर में भी ग्राहकों ने हंगामा किया और आरोप लगाया विभागीय अधिकारियों ने दो बजे ही डाकघर बंद कर दिया।
हंगामे में राजेंद्र, प्रमोद मलिक, अनिल कुमार, राजीव, पीतम सिंह, विनय आदि रहे। सीओ कर्मवीर सिंह समेत बैंक कर्मचारी दीपेश, भूपेंद्र पूरे दिन व्यवस्था को संभालने में जुटे रहे।