कोल्हू बंद, संचालकों को कई लाख का घाटा
बागपत। वायु प्रदूषण बढ़ जाने के कारण जिले में संचालित कोल्हू बंद करा दिए। इससे कोल्हू संचालकों को कई लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। कोल्हू बंद होने के कारण कोल्हू पर गन्ने की खरीद बंद हो गई है, ऐसे में किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वायु प्रदूषण ने लोगों को बीमार तो बनाया है, अब बेरोजगार भी बढ़ा दी है। प्रदूषण के चलते प्रशासन का चाबुक जिले के कोल्हू संचालकों पर भी चला है। अधिकांश कोल्हू बंद पड़े हैं। इससे उनके सामने बेरोजगारी का संकट गहरा गया है। नया गांव के पास कोल्हू संचालक चश्मवीर निवासी छपरौली ने बताया कि हर वर्ष कोल्हू आमदनी का साधन है। पिछले दो नवंबर से यह बंद है। तब से अब तक करीब दो लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। उन्होंने कहा कि यहां पर केवल गन्ने की सुखी खोई ही जलाकर गुड़, शक्कर बनाते हैं। इसके बावजूद नगर पंचायत ने कोल्हू को बंद करवा दिया है। परिवार के सामने भूखों मरने की नौबत आ गई है। करीब 10 मजदूर कार्य करते हैं, जिन्हें घर भेजना पड़ गया है। यह दस लोगों के सामने भी बेरोजगारी का संकट गहरा गया है। उनका दावा है कि गन्ने की खोई से प्रदूषण नहीं फैलता है। अगर कोई रबड़, चमड़ा, कपड़े जलाते हैं तो इससे प्रदूषण फैलता है जो लोगों को बीमार करता है।
कोल्हू संचालक सुभाष ने बताया कि प्रशासन ने बेरोजगार तो बनाया दिया है, अब रोजगार की भी व्यवस्था करा दें। शुगर मिल से ज्यादा प्रदूषण तो कोई नहीं फैलता है, उसकी चमनी से काला धुआं निकल रहा है। यह भी बंद होना चाहिए।
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कोल्हू पड़े है सूने, गन्ने लगे है सूखने
बागपत। जब से जिले की आबो हवा बिगड़ी तभी से कोल्हू पर आफत खड़ी हो गई है। अधिकांश कोल्हू अब बंद पड़े है। जो गन्ना खरीदा था वह भी सूखने लगा है। किसानों को भी गन्ने की पेशगी दी गई। न जाने कब जिले की हवा सुधरेंगी और कब कोल्हू में शुगर और शक्कर की सुगंध आएगी।