संसाधनों के अभाव में मरीजों को किया जाता है रेफर
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। खेकड़ा पीएचसी में संचालित कोविड अस्पताल चार वेंटिलेटर के सहारे चल रहा है। हालांकि जिला अस्पताल में 30 वेंटिलेटर की उपलब्धता है, लेकिन कोरोना के मरीजों के लिए जिला अस्पताल के वेंटिलेटर उतने कारगर नहीं है, जितने कोविड वेंटिलेटर कारगर होने चाहिए। संसाधनों के अभाव में गंभीर मरीजों को रेफर करना पड़ता है।
क्या है वेंटिलेटर में अंतर
सामान्य वेंटीलेटर बड़े और ज्यादातर स्थायी होते हैं। कोविड वेंटिलेटर में पहिए लगे हुए होते है और उनका आकार भी छोटा होता है। जिससे मरीज को आसानी से इधर से उधर ले जाने में संक्रमण का खतरा कम रहता है। साधारण वेंटिलेटर में फेरबदल में परेशानी आती है।
जिले में नहीं ऑक्सीजन की कमी
खेकड़ा के कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन के 25 बड़े और 15 छोटे सिलिंडर उपलब्ध है। इसके अलावा सभी चिकित्सालयों में भी ऑक्सीजन की उपलब्धता है।
शासन स्तर से जिले को चार कोविड़ वेंटिलेटर उपलब्ध कराए है। चारों वेंटिलेटर खेकड़ा के एल-2 अस्पताल में है। आपात स्थिति के लिए मरीजों को जिला अस्पताल से वेंटिलेटर की व्यवस्था कराई जाएगी। जिले में ऑक्सीजन की कमी नहीं है। - सीएमओ डॉ. आरके टंडन।