जागोस गांव के खादर में रेत का अवैध खनन करती पोर्कलेन मशीनेंI
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बागपत के बदरखा और जागोस गांव में यमुना नदी में अवैध रेत खनन किया जा रहा है। रेत माफिया इसे हरियाणा सीमा में बताकर अधिकारियों को गुमराह कर रहे हैं। जबकि यह रेत खनन यूपी की सीमा में किया जा रहा है। इसे लेकर गांव के लोगों में आक्रोश है और कभी भी खून खराबा होने की आशंका जा रहे हैं।
बदरखा गांव में जेसीबी से अवैध रेत खनन किया जा रहा है। सूचना पर प्रशासन के अधिकारी मौके पर भी गए थे, लेकिन उन्हें चंडीगढ़ हाईकोर्ट के वे आदेश दिखाएं, जिसमें लिखा था कि इन्हें न रोका जाए। जबकि रेत माफिया ने यमुना खादर से यूपी के लिए रास्ता भी बना दिया। इसका विरोध ग्रामीण भी कर रहे हैं। तहसीलदार ने डीएम को इसकी रिपोर्ट भेज दी। यदि अवैध रेत खनन नहीं रोका तो खून खराबा होने से कोई रोक नहीं पाएगा। जागोस खादर में भी रात के समय रेत माफिया पोर्कलेन मशीनों से रेत खनन कर रहे हैं।
वहां से आने वाले रेत को लेकर कोताना गांव के लोगों में आक्रोश व्याप्त है। इसको लेकर विवाद हो चुका है। इस संबंध में तहसीलदार राज बहादुर सिंह ने बताया बदरखा गांव में रेत खनन करने के लिए रास्ते को बनाया जा रहा था। ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। उन्होंने निरीक्षण कर रिपोर्ट डीएम को भेज दी है, जागोस गांव में रात के समय रेत खनन होता है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। वे रात्रि में इस मामले की जांच कराते हैं। यदि ऐसा है तो सख्त कार्रवाई होगी।