पुलिस पर रखें भरोसा, खुद में पैदा करे आत्मविश्वास
बागपत। अमर उजाला फाउंडेशन की पहल अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत सेंट एंजल्स पब्लिक स्कूल में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। इसमें सीओ सिटी ओमपाल सिंह ने बेटियों को 24 घंटे मदद दिलाने का भरोसा दिलाया। छात्राओं की सुरक्षा के लिए डायल 108 और 112 हेल्पलाइन नंबर की जानकारी दी। साथ ही उनकी पहचान गोपनीय रखने का विश्वास दिलाया। छात्राओं ने सीओ से सवाल किया लड़कियों की पढ़ाई क्यों छुड़वा दी जाती है। उन्होंने कहा कि बेटियां खुद में आत्मविश्वास पैदा करे। तभी समय के साथ कदम ताल करने में मदद मिलेगी।
बुधवार को स्कूल परिसर में नारी सुरक्षा एवं सशक्तिकरण अभियान के तहत पुलिस की पाठशाला का शुभारंभ सीओ ओमपाल सिंह और स्कूल के प्रबंधक अजय गोयल ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया। छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत से अभिभावकों सहित शिक्षकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सीओ सिटी ने कहा कि बेटियों को खुद को मानसिक तौर पर मजबूत करने की जरूरत है। पुलिस हमेशा सुरक्षा के लिए तैयार हैं। अभिभावक और शिक्षक छात्राओं को आगे बढ़ाने में मदद करें। ताकि भय के बादल छंटने में मदद मिले। महिलाओं के हित में देश में कई कानून हैं। कुलदीप सिंह, राजीव कुमार, बबलेश कुमार, जावेद, रवि कुमार, पंकज कुमार, इमरान, सुमन देवी, ममता देवी, कोमल, शिखा, अनुराधा देवी, नाजिश, सुमन मौजूद रहीं।
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बेटियों के सवाल का दिया जवाब
इशिका : देश में पुरुष प्रधान सोच है। इसलिए लड़कियां खुद को पिछड़ा हुआ समझती हैं।
सीओ : लड़कियों को अपने अंदर आत्मविश्वास पैदा करनी चाहिए। संविधान में उन्हें बराबरी का हक मिला है। सोच बदल रही है।
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खुशी बंसल : अगर किसी लड़की को परिवार आगे पढ़ाने में मदद न करें तो उसे क्या करना चाहिए।
सीओ : पहले खुद बात करें। इसके बाद अपने शिक्षकों की मदद लें। शिक्षक ही माता-पिता को बेहतर तरीके से समझा सकते हैं। जरूरत पड़ने पर पुलिस-प्रशासन और हेल्पलाइन नंबरों की मदद लें।
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नेहा कौशिक : आईपीएस ऑफिसर बनने के लिए क्या करना चाहिए।
सीओ : कड़ी मेहनत, नियमित अभ्यास और खुद पर भरोसा कर लक्ष्य को आसानी से पाया जा सकता है।
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अमीरा : उच्च शिक्षा के लिए परिवार तैयार नहीं हो तो कैसे मनाएं।
सीओ : परिवार को अपने लक्ष्य के विषय में जानकारी दें। उनका भरोसा जीतें। अपने शिक्षक-शिक्षिकाओं की मदद लें।
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वंशिका : लड़कियों की पढ़ाई क्यों छुड़वा दी जाती है।
सीओ : धीरे-धीरे समाज की सोच बदल रही है। लड़कियां मुकाम हासिल कर रही हैं। अभिभावकों की बैठक समय-समय पर कराने से इसमें लाभ मिला है।
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इनसेट
बेटियों ने किया अभिनंदन
बागपत। अतिथियों का छात्रा वंशिका, इशिका, इलमा, शबा, खुशी, आस्था, कनिका, विशाखा, चित्रा, दीपांशी, स्वाति, मेघा, रजिया, निधि, आस्था, श्वेता, नेहा, तनीषा, अविरल, निशा, खुशी, तानिया, दीपांशी, मांसी, अनस, तानिया, सिमरन का बेटियों ने अभिनंदन किया।