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बीपी पर रखें नियंत्रण वरना जोखिम दोगुना

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बड़ौत। कोरोना संक्रमण की दूसरे लहर में उच्च रक्तचाप के मरीजों की मौत की संख्या अधिक है। चिकित्सकों की माने तो कोरोना संक्रमण होने पर उच्च रक्तचाप के साथ अगर किसी को मधुमेह, किडनी रोग या कैंसर जैसी गंभीर बीमारी है तो मौत का खतरा दोगुना बढ़ जाता है। ऐसे में उच्च रक्तचाप वाले मरीजों को ज्यादा सावधान रहना होगा। चिकित्सकों के अनुसार मरीज का शुगर और ब्लड प्रेशर अनियंत्रित है उन्हें एक बार कोरोना हो जाने के बाद दोबारा होने की प्रबल संभावना है। ऐसे में नियमित दवाओं के सेवन और संतुलित खानपान से ही इस पर आसानी से नियंत्रण पाया जा सकता है।
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ये है चिकित्सकों की सलाह------
-उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अजेन्द्र मलिक का कहना है कि कोरोना संक्रमण में ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना बहुत ही जरूरी है। बीपी के मरीज जो नियमित दवाएं चल रही हैं उसे जरूर लेते रहें, किसी कीमत पर दवा बंद न करें। नमक कम प्रयोग करें। अगर किसी को सिर में भारीपन है, चक्कर आ रहा है तो वह तत्काल डॉक्टर से परामर्श लें।
- सीएचसी पर तैनात वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजीव त्यागी का कहना है कि कोरोना काल में उच्च रक्तचाप वाले मरीजों को एकांतवास में रहने की आवश्यकता है। ताकि वह घर से बाहर जाने वाले सदस्यों के संपर्क में न आएं और संक्रमण से खुद को बचा सकें। उच्च रक्तचाप में दिमाग, हृदय और फेफड़े में खून के जमने का खतरा बना रहता है। ऐसी स्थिति में मरीज की जान भी जा सकती है।
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- बागपत सीएचसी पर तैनात लेडी मेडिकल आफिसर डॉ श्रेया श्रीवास्तव का कहना है कि जिन्हें ब्लड प्रेशर पहले से है वे दवा नियमित लेते रहें। ब्लड प्रेशर को हमेशा चेक कराते रहें। भोजन में नमक की मात्रा कम लें और पानी ज्यादा पीएं। पौष्टिक आहार में दाल, हरी सब्जियों का ज्यादा सेवन करें।
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