बड़ौत (बागपत)। कांशीराम कॉलोनी को नगर पालिका परिधि से हटाकर ग्रामीण क्षेत्र से जोड़ने पर कॉलोनी के लोगों में आक्रोश पनप रहा है। वे अधिकारियों के यहां अपना आक्रोश दर्ज करा रहे हैं। उन्होंने कहा कॉलोनी के लोग तीन चुनाव में नगर के मतदाता रहे हैं तो अब नगर पालिका के चुनाव में उनके मताधिकार का प्रयोग क्यों छीना जा रहा है। हालांकि नगर पालिका ने कांशीराम कॉलोनी को नगर पालिका परिधि से जोड़ने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है।
कांशीराम कॉलोनी का उद्घाटन 25 अक्तूबर 2011 में पूर्व विधायक कृष्णपाल मलिक ने किया था। उस समय नगर पालिका की अध्यक्ष सरला मलिक थी। इस कॉलोनी में 800 के लगभग आवास हैं और चार हजार के लगभग मतदाता हैं। इस कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने 2012 में नगर पालिका के चुनाव में वोट दिया था और 2014 में लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने मताधिकार का प्रयोग किया था। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने मतदान में भाग लिया था, लेकिन हाल में परिसीमन में कांशीराम कॉलोनी को नगर पालिका की परिधि से बाहर कर बड़ौली गांव से जोड़ा जा रहा है और आने वाले नगर पालिका चुनाव में भी कॉलोनी के मतदाता नहीं रहेंगे। इसको लेकर वहां के निवासी आक्रोशित है।
कॉलोनी वासी न तो नगर पालिका का हाउस टैक्स और वाटर टैक्स देते हैं। जबकि सफाई और पेयजल आपूर्ति का जिम्मा शासन ने नगर पालिका को दिया है। अब यहां के नागरिक कॉलोनी को ग्रामीण क्षेत्र से जोड़ने को लेकर आक्रोशित है और धरने-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस संबंध में कॉलोनी के इतवारी लाल, सुरेंद्र, जगदीश, शकीना, अंकित आदि ने कहा कहा उन्हें चाहे कितने भी आंदोलन क्यों न करने पड़े वे कॉलोनी को ग्रामीण क्षेत्र में नहीं जाने देंगे। उनके साथ राजनीतिक स्तर पर भेदभाव किया जा रहा है। इसको लेकर कॉलोनी के लोग संगठित हो चुके हैं।
इस संबंध में नगर परिषद के अधिशासी अधिकारी विनय कुमार मणि त्रिपाठी ने बताया कॉलोनी में रहने वाले सभी लोगों के आधार कार्ड और पहचान पत्र कॉलोनी के नहीं है और न ही वे हाउस टैक्स और वाटर टैक्स ही देते हैं और आये परिसीमन में और नगर पालिका के नक्शे में जिस स्थान पर कॉलोनी बनी है, वह स्थल नगर का नहीं है वह बड़ौली गांव का मौजा है। इस संबंध में कॉलोनी की आवाज को देखकर हमने नगर पालिका से यह प्रस्ताव बनाकर भेजा है कि कांशीराम कॉलोनी को नगर परिक्षेत्र से जोड़ दिया जाए, यदि नगर पालिका चुनाव से पूर्व आदेश आते हैं तो वे इस चुनाव में मत डाल सकेंगे अन्यथा नहीं।