संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/बड़ौत/खेकड़ा। यहां रविवार को बारिश हुई। कई दिन से हो रही बारिश से लग रहा है कि कार्तिक में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। वहीं, बारिश से जलभराव होने पर लोगों को परेशानी हुई। फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है।
यहां शनिवार रात तक करीब 24 घंटे बारिश होती रही। इसके बाद रविवार को भी कई बार हल्की बारिश हुई। इससे मौसम में ठंडक आ गई। यहां रविवार शाम तक 31 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बीते साल आश्विन माह में करीब 62 मिलीमीटर बारिश हुई थी। उससे पहले दस साल में इतनी बारिश नहीं हुई। बल्कि दस साल तक अक्तूबर माह सूखा जाता था। वहीं, बागपत, बड़ौत, खेकड़ा समेत अधिकतर गांवों में सड़कों व गलियों में जलभराव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
धान की फसल को नुकसान
खेकड़ा कृषि विज्ञान केंद्र की मौसम वैज्ञानिक डॉ. अंकिता नेगी ने बताया कि बारिश के कारण कई जगह धान की फसल गिरी है। जिससे नुकसान होगा। धान की फसल में बाली आई हुई है। वह खेत में पानी खड़ा होते ही गिर जाती है। इसलिए किसान धान के खेतों में निकासी की उचित व्यवस्था करें। बारिश व मध्यम तीव्रता की हवा की संभावना को देखते हुए गन्ने की बंधाई करें। बारिश के चलते फसलों में स्प्रे व सिंचाई कुछ दिन तक न करें।
विद्युत लाइनों में कई जगह फाल्ट
लगातार बारिश से विद्युत लाइनों व ट्रांसफार्मर में फाल्ट आ गए। जिससे बागपत, बड़ौत, खेकड़ा में कई घंटे तक आपूर्ति ठप रही। इस कारण शाम मे पानी की सप्लाई तक नहीं हो सकी। वहीं, लाइनों में फाल्ट आने से 20-30 गांवों में बत्ती गुल रही। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
दोघट में जलभराव से लोग परेशान
दोघट कस्बे में जलभराव से लोग परेशान हैं। यहां की पट्टी धिमाना, मैनमाना, रातराना में जलभराव की समस्या ज्यादा है। लोगों का आरोप है कि जलभराव की समस्या को लेकर सीएम पोर्टल पर भी शिकायत कर चुके हैं। जल निकासी के लिए बनाए गए नाले पर गांगनौली व सुजती गांव में अतिक्रमण किया हुआ है। इसे हटवाने की कई बार गुहार लगाई है। जलभराव की समस्या को लेकर जितेंद्र, कृष्ण, भूरा, सुधीर, राजकुमार, अरुण राठी, राजेंद्र, राममेहर, सुंदर, आदि ने रोष जताया है।
रेलवे अंडरपास बन गए तालाब
बारिश से अंडरपास तालाब बन गए हैं। असारा, बडक़ा, महनवा रेलवे अंडरपास में कई-कई फीट पानी भरा है। जिससे अंडरपास में कई वाहन फंस गए। उनमें से पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं है। इस कारण दर्जनों गांवों में जाने के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।