बेटे ने शहादत दी, सरकार ने नहीं दी जमीन
कारगिल की पिंपल पहाड़ी पर खेकड़ा कस्बे के राजेंद्र धामा ने देश के लिए प्राण न्योछावर कर दिए थे। राजेंद्र की शहादत युवाओं को जोश से लबरेज कर देती हैं। पट्टी रामपुर निवासी मास्टर जय सिंह के बेटे राजेंद्र धामा जाट रेजीमेंट में साल 1988 में भर्ती हुए थे।
कारगिल में उनकी ड्यूटी पिंपल पहाड़ी पर थी। देश के लिए कुर्बानी दे दी। पिता जय सिंह बताते हैं कि सरकार ने सारी घोषणाएं पूरी की, लेकिन अभी तक जमीन देने का जो वायदा किया था, वह पूरा नहीं हुआ। शहीद का परिवार गाजियाबाद में रह रहा है।
इनका बलिदान भी अमर
ऑपरेशन रक्षक के दौरान जिले के बूढ़पुर गांव निवासी सुबोध तोमर, सूप निवासी देवेंद्र सिंह, ढिकाना निवासी नवाब सिंह, फखरपुर निवासी सेवेंद्र सिंह और काठा निवासी अनिल कुमार भी देश पर बुर्बान हो गए थे।