Baghpat News: कांवड़ मार्ग पर 18 जुलाई से वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इसके अलावा दिल्ली हाईवे पर डूंडाहेड़ा से ककड़ीपुर तक 51 कट बंद होंगे।
कांवड़ यात्रा के दौरान कोई हादसा न हो, इसलिए 11 जुलाई से भारी और 16 जुलाई से हल्के वाहनों को जिले में नहीं आने दिया जाएगा। बॉर्डर पर ही सभी वाहनों को रोक दिया जाएगा या फिर वहां से वापस भेज दिया जाएगा। इसके अलावा 18 जुलाई से कांवड़ मार्गों पर स्थानीय वाहनों का आवागमन भी बंद करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
हरिद्वार और गोमुख से कांवड़ लेकर आने वाले लाखों कांवड़िए जिले के विभिन्न मार्गों से अपने गंतव्य की तरफ रवाना होते हैं। इस दौरान हल्के और भारी वाहनों के संचालन से हादसे होने का खतरा भी बना रहता है। कांवड़ियों की यात्रा सुरक्षित करने के लिए पुलिस व प्रशासन ने हल्के और भारी वाहनों के जिले में प्रवेश पर रोक लगाने की तारीख तय कर दी। इसमें 11 जुलाई से जिले के बाॅर्डर से भारी वाहनों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे से गुजरने वाले वाहनों को नीचे नहीं उतरने दिया जाएगा।
यातायात पुलिस प्रभारी सतेंद्र सिंह ने बताया कि 11 जुलाई से शिवरात्रि तक भारी वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। शिवरात्रि के बाद ही वाहनों को जिले में प्रवेश दिया जाएगा। इस बीच जरूरी सामान सब्जी, फल, दवाई, दूध, ब्रेड आदि लेकर आने वाले वाहनों को जांच के बाद आने दिया जाएगा।
इन चौकियों पर लगाए जाएंगे बैरियर
जिले के कांवड़ मार्गों से कांवड़िए गुजरने शुरू हो गए हैं। इसको लेकर निवाड़ा, ककड़ीपुर, भड़ल, हिंडन पुल, डूंडाहेड़ा, ललियाना और धौलीप्याऊ चौकी से पहले ही बैरियर लगाकर वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई जाएगी। इसके अलावा ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे के नीचे भी बैरियर लगाकर वाहन रोके जाएंगे।
नेशनल हाईवे पर बंद किए जाएंगे 51 कट
कांवड़ यात्रा को लेकर दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर कट भी बंद किए जाएंगे। इसमें डूंडाहेड़ा से ककड़ीपुर तक बने 51 कटों पर बैरियर लगाकर बंद कर दिया जाएगा। उधर, नेशनल हाईवे किनारे किए गए अतिक्रमण को भी हटवाना शुरू कर दिया गया है।