बागपत के किशनपुर बराल के कंडेरा गांव में किशोरी के शव को सुपुर्द-ए-खाक करने गए एक परिवार के साथ पड़ोस के लोगों ने कब्रिस्तान में ही विवाद कर दिया। बाद में उनके बीच जमकर लाठी-डंडे और धारदार हथियार चले, जिससे आठ लोग घायल हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया। घटना से दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
कंडेरा गांव निवासी रहीसूद्दीन की बेटी शाहिना उर्फ मोनी (16) की मंगलवार सुबह बीमारी के चलते मौत हो गई। परिवार और पड़ोस के लोग शव को सुपुर्द-ए-खाक करने के लिए कब्रिस्तान में पहुंचे। वे जब जनाजे की नमाज करने लगे, तभी गांव के करीम का परिवार वहां पर पहुंचा और रहीसूद्दीन के भतीजे इनाम और अनीस के साथ गाली-गलौच करने लगा। उनका लंबे समय से विवाद चल रहा है। बाद में दोनों पक्षों में जमकर लाठी-डंडे और धारदार हथियार चले। इसमें इनाम, उसका भाई अनीस तथा करीम पक्ष से तस्लीम, अनीस, इद्रीश, सलीम, जावेद और रहीस खान घायल हो गए। इससे वहां पर हंगामा हो गया। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर झगड़ा शांत कराया। पुलिस ने शव को शांतिपूर्ण तरीके से सुपुर्द-ए-खाक कराया। बाद में दोनों पक्षों ने पुलिस से शिकायत की। रमाला थानाध्यक्ष शरद तिलारा का कहना है कि केस की विवेचना के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।