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जंक फूड बिगाड़ रहा सेहत, बच्चों मे बढ़ रहा जोड़ों का दर्द

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अनियमित दिनचर्या और खानपान से बढ़ रहा आर्थराइटिस
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बागपत। जोड़ों का दर्द कहें या आर्थराइटिस, यह बीमारी बढ़ रही है। आम बोलचाल में इसे गठिया कहा जाता है। आराम तलब जीवन शैली इसका बड़ा कारण है। अनियमित खानपान और गड़बड़ाई दिनचर्या के कारण यह रोग बुजुर्गों के साथ ही अब युवाओं और बच्चों को भी गिरफ्त में ले रहा है।
जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. जीके सिंह का कहना है कि कैल्शियम और विटामिन डी की कमी से यह बीमारी होती है। जंक और फास्ट फूड सेहत को बिगाड़ रहा है। हड्डियों को कमजोर कर रहा है। बड़ौत के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. निखिल तरार का कहना है कि आर्थराइटिस से पीड़ित के घुटने और हाथों की अंगुलियां सबसे ज्यादा प्रभावित होती हैं। अगर रह-रह कर पैर की अंगुलियों, घुटनों और एड़ियों में दर्द होता है, तो समझ जाइये कि आपके खून में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ गई है। यह हाथ-पैरों के जोड़ों में क्रिस्टल के रूप में जम जाता है। इसे ही आर्थराइटिस यानी गठिया कहते हैं।
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आर्थराइटिस के लक्षण
जोड़ों में अकड़न और सूजन, तेज दर्द, जोड़ों से तेज आवाज आना, अंगुलियों और दूसरे हिस्सों का मुड़ने लगना। अभिभावक को आर्थराइटिस है, तो बच्चों को होने की आशंका ज्यादा होती है। इस बीमारियों का खतरा महिलाओं को ज्यादा होता है।
कैसे करें बचाव?
नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए। हफ्ते में कम से कम पांच दिन 45-50 मिनट व्यायाम जरूर करें। जॉगिंग, ब्रिस्क वॉक, स्वीमिंग और साइकिलिंग कर सकते हैं। ब्रिस्क वॉक हर उम्र और हर किसी के लिए सबसे आसान और फायदेमंद है। पार्क में जॉगिंग करना भी बेहतर है।
लंबे समय तक एक ही स्थिति में न बैठें
आप जितना एक्टिव रहेंगे, आर्थराइटिस का खतरा उतना ही कम होगा। छोटे-मोटे काम खुद करें। लंबे समय तक एक ही पोजिशन में न बैठें। किसी एक जोड़ या हिस्से पर जोर न डालें। मसलन एक पैर पर वजन डालकर खड़े न हों। डेस्क जॉब में हों तो हर 30 मिनट के बाद पांच मिनट का ब्रेक लें। कुर्सी पर बैठे-बैठे भी बीच-बीच में मूवमेंट करते रहें।
खानपान का रखें ख्याल
प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर खाना खाएं। पनीर, दूध, दही, ब्रोकली, पालक, राजमा, मूंगफली, बादाम, टोफू, तिल के बीज, टूना मछली का सेवन करें। हरी सब्जियां और फल खाएं। दिनभर में 8 से 10 गिलास पानी जरूर पीएं। यह शरीर में नमी बनाए रखता है। आठ से दस साल तक के बच्चों के लिए दूध बेहद जरूरी है।
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धूम्रपान और नशा न करें
धूम्रपान दिल, फेफड़े के अलावा हड्डियों के लिए भी नुकसानदेह है। स्मोकिंग छोड़ने से आर्थराइटिस के मरीजों के दर्द में भी कमी और सेहत में सुधार देखा गया है। ज्यादा शराब पीने से हड्डियों को नुकसान होता है।
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