बागपत में प्रदेश के कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया ने कहा यूपी में 121 साल पुराना जेल मैन्युअल बदला जाएगा। बुजुर्ग बंदियों की रिहाई के मामले में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल है। जिस दिन कोर्ट आदेश करेगा, उसी दिन बंदियों को रिहा कर दिया जाएगा। जेल कानून में बदलाव से बंदियों और कैदियों को बड़ी राहत मिलेगी।
सोमवार को खेकड़ा क्षेत्र के गांव अब्दुल्लापुर में बनी जिला कारागार के उद्घाटन के मौके पर रामूवालिया ने कहा कि साफ-सफाई, खान पान और जेलों में मिलाई को लेकर शिकायतें मिल रही हैं। जेल में ई-पर्ची से मुलाकात, जैमर और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है। ट्रायल के तौर पर प्रदेश की कई जेलों में यह प्रयोग सफल रहा, धीरे-धीरे इसे अन्य जेलों में भी लागू किया जाएगा।
बंदियों और मुलाकातियों के बीच अब जाली सिस्टम हटा दिया है। जेल में खानपान समेत अन्य मैन्युअल में संशोधन के लिए सरकार की ओर से प्रयास चल रहे हैं। 30 जुलाई तक नया जेल मैन्युअल लागू हो सकता है।
18 करोड़ के मामले की होगी जांच
कारागार बागपत के निर्माण में करीब 18 करोड़ के गड़बड़ झाले पर जेल मंत्री ने रामूवालिया ने कहा यह मामला उनकी जानकारी में नहीं है। प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
संप्रेक्षण गृह से कहां भागे किशोर ?
कारागार और बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा के सवाल पर कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया ने कहा किशोरों के फरार होने के मामले उनकी जानकारी में नहीं है। मीडिया ने सवाल किया था कि मुजफ्फरनगर और मेरठ के संप्रेक्षण गृह से कई बार किशोर फरार हो चुके हैं। रामूवालिया बोले, इस तरह के मामले उनकी जानकारी में नहीं है।