अग्रवाल मंडी टटीरी। बात-बात पर सांप्रदायिक तनाव के मुहाने पर खड़े होने वाले वेस्ट यूपी के लोगों के लिए टटीरी की रामलीला भाईचारे और सामाजिक एकता की मिसाल है। हनुमान का वेश धारण कर यूनुस खान जब जय श्रीराम का जयघोष करता है तो अटूट परंपरा की डोर और अधिक मजबूत होती दिखाई देती है। हनुमान ही नहीं, रावण और मेघनाद जैसे महत्वपूर्ण रोल भी मुस्लिम युवक ही शिद्दत से निभाते रहे हैं।
श्री आदर्श रामलीला कमेटी अग्रवाल मंडी टटीरी का रेलवे मैदान पर रामलीला का आयोजन शुरू हो गया है। खास पहलू है यहां की रामलीला से भाईचारे का संदेश देने वाली एकता और लोगों का आपसी विश्वास। तभी तो टटीरी का यूनुस पिछले साल से हनुमान का किरदार निभा रहा है। वह कहता है श्रीराम भक्त हनुमान की भूमिका आसान नहीं, लेकिन इसे हजारों लोगों के सामने मंच पर निभाने के लिए पहले हनुमान को जीना पड़ता है। वह कहता है कि भाईचारे से बड़ी कोई ताकत नहीं है।
रामलीला की रिहर्सल में जो कलाकार सबसे अधिक व्यस्त दिखे, उनमें शेर खान भी है। इस बार वह रावण बनेंगे या मेघनाद इस पर अभी फैसला नहीं हुआ। पिछले सालों में वह दोनों भूमिका का निर्वहन करते रहे हैं। शेर खान ने कहा हर मजहब इंसानियत सिखाता है। सबको साथ मिलकर रहना चाहिए। वह रामलीला में भूमिकाएं करते हैं, उन्हें हिंदू समाज के लोग खूब इज्जत देते हैं। कमेटी के लोग भी अपनापन रखते हैं।
शोएब खान और आरिस कहते हैं वह रिहर्सल में शामिल हैं, जो भी भूमिका मिलती है, वह उसे ही पूरी शिद्दत के साथ निभाते हैं। बेहद अच्छा लगता है। इनके अलावा भी कई मुस्लिम कलाकार रामलीला में काम कर रहे हैं। कोई रावण की सेना में है तो कोई राम की। कोई वानर सेना में है तो कोई सुग्रीव की सेना में तैयारी में जुटा है।